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मेडिकल कॉलेज में सिर्फ छह वेंटिलेटर, एक खराब

Tue, 29 Aug 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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medical, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ने सिर्फ छह वेंटिलेटर हैं, इनमें भी एक खराब पड़ा हुआ है। ऐसे में निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर पर मरीज को भर्ती कराकर परिजनों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज को कुछ और वेंटिलेटर की जरूरत है।
मेडिकल कॉलेज पर झांसी ही नहीं बुंदेलखंड समेत आसपास के कई जनपदों के मरीज रोजाना इलाज कराने के लिए आते हैं। बताया गया कि वार्ड और इमरजेंसी को मिलकर प्रतिदिन 150 से 160 मरीज भर्ती होते हैं। इनमें से 10 से 15 मरीज काफी गंभीर होते हैं, जिन्हें वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में सिर्फ छह वेंटिलेटर हैं, इनमें भी एक खराब चल रहा है। ऐसे में वेंटिलेटर की कमी के कारण 8 से 10 मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इसलिए मेडिकल कॉलेज में और वेंटिलेटर की जरूरत है।
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रोज सात हजार तक आता खर्च
निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर में भर्ती होने की कीमत काफी अधिक हैं। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर पर मरीज को जहां नि:शुल्क भर्ती किया जाता है, वहीं निजी अस्पतालों में इसका पांच से सात हजार रुपये प्रतिदिन भुगतान करना पड़ता है। यदि 15 से 20 दिन मरीज भर्ती रहता है, तो एक लाख रुपये से अधिक तो सिर्फ वेंटिलेटर का खर्चा आ जाता है। आर्थिक तौर पर कमजोर कई मरीजों को उधार लेकर भी इलाज कराना पड़ता है।

शासन से की मांग
शासन को पत्र लिखकर दस वेंटिलेटर की मांग की है। इसके साथ ही 15 मॉनिटर मांगे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वेंटिलेटर मिल जाएंगे। - डॉ. जेपी पुरोहित, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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पैरामेडिकल कॉलेज में नदारद मिले कर्मी
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ने पैरामेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। साथ ही कई कमियां मिलीं। प्रभारी प्राचार्य डॉ. जेपी पुरोहित सोमवार को दोपहर लगभग एक बजे पैरामेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां मुख्य द्वार पर ही उन्हें पान-मसाले के निशान मिले। जबकि, सरकारी कार्यालयों में पान-मसाला प्रतिबंधित है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं, तीन-चार कर्मचारी भी ड्यूटी से गायब मिले। निरीक्षण चल ही रहा था कि नदारद कर्मचारियों को प्रभारी प्राचार्य के आने की सूचना मिल गई। आनन-फानन कर्मचारी कॉलेज पहुंच गए। डॉ. पुरोहित ने कर्मचारियों को दोबारा ऐसी गलती मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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