बजट नहीं होेने के कारण जिला महिला अस्पताल में जिले की 550 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि, नियमानुसार प्रसूताओं को चौबीस घंटे के भीतर योजना की राशि का भुगतान करने का नियम है। समय से भुगतान नहीं होने के कारण महिलाएं और परिजन अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रसूति के बाद महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि दी जाती है। जिसके अंतर्गत शहरी क्षेत्र की महिलाओं को एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को चौदह सौ रुपये दिये जाने का प्रावधान है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीधे ये रकम प्रसूताओं के खाते में भेजी जाती है। इसके अंतर्गत सरकार की मंशा होती है कि इस राशि का उपयोग प्रसूति के बाद महिलाओं के खान पान में खर्च किया जाए। नियमानुसार अस्पताल से छुट्टी होने के चौबीस घंटे के भीतर ही यह धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है। लेकिन बजट की कमी होने के कारण जिला महिला अस्पताल डिस्चार्ज होने वाली महिलाओं को योजना की राशि पाने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है। जिसके चलते महिलाएं और उनके परिजन लगातार अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं।
अस्पताल की प्रभारी सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही बजट आने की उम्मीद है। बजट के आते ही तत्काल भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं प्रसव के बाद घर चली जाती हैं, लेकिन वे अपनी बैंक की पास बुक की प्रति व अन्य कागजात जमा करके नहीं जाती हैं। जिससे समय से उनके खाते में योजना की राशि नहीं पहुंच पाती है।