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गेहूं खरीद में हो रहा खेल

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तुलाई के 20 की जगह मांगे जा रहे हैं 60 रुपये

झांसी। सोमवार को किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की, जिसमें उन्होंने बताया कि गेहूं की तुलाई के प्रति क्विंटल 20 रुपये की जगह क्रय केंद्रों पर 60 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा समय पर भुगतान भी नहीं हो रहा है।
चिरगांव के धवारा निवासी राजेंद्र ने बताया कि वह गेहूं लेकर केंद्र पर पहुंचा तो उससे प्रति क्विंटल 60 रुपये तुलाई मांगी गई। इंकार करने पर उसका गेहूं नहीं खरीदा गया। वह तत्काल गेहूं मंडी में छोड़कर सीडीओ से शिकायत करने पहुंचा। दूसरी ओर सिमरावारी निवासी मेवालाल ने बताया कि 18 क्विंटल गेहूं 11 अप्रैल को बेचा था, जिसका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि नंबर के आधार पर खरीद नहीं हो रही, वारदाने का बहाना बनाकर गेहूं न खरीदने का काम किया जा रहा है। इस पर जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई।
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नंबर के आधार पर खरीद नहीं हो रही, कई घंटों से लगा हूं। नंबर आया तो वारदाना न होने का बहाना बनाया गया तथा तौल कराने के लिए वारदाने के लिए अतिरिक्त रुपयों की मांग की। - श्रीराम, किसान


तुलाई के लिए शासन ने प्रति क्विंटल 20 रुपये निर्धारित किए हैं। बावजूद, 60 से सौ रुपये प्रति क्विंटल तुलाई की मांग की जा रही है। मौजूद अधिकारियों से शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं हुई। - प्रदीप, किसान

ढुलाई में अधिक रकम लिए जाने की शिकायतें असत्य पाई गईं हैं। मंडलायुक्त के निर्देश पर इसकी उप जिलाधिकारियों से जांच कराई गई थी, जिसमें किसी भी खरीद केंद्र पर किसानों ने इसकी शिकायत नहीं की। वहीं, भुगतान में कहीं-कहीं जरूर विलंब हो रहा है। इसमें सुधार लाने के लिए एफसीआई और पीसीएफ के जिला प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए गए हैं। - नगेंद्र शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)


गेहूं के पांच रैक बाहर भेजने की तैयारी
झांसी। गेहूं भंडारण में जगह की कमी न हो, इसके लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक ने भारतीय खाद्य निगम को पत्र लिखा है, जिसके जरिये झांसी से गेहूं की पांच रैक बाहर भेजने को कहा गया है।
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मंडल में 1.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण की व्यवस्था है। इसमें झांसी जिले में 36 हजार मीट्रिक टन की व्यवस्था है। जबकि, इस साल उत्पादन अच्छा होने की वजह से क्रय केंद्रों पर लगातार भारी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है। भंडारण में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक नरेंद्र कुमार ने भारतीय खाद्य निगम को पत्र लिखा है, जिसके माध्यम से कहा गया है कि पांच रैक (लगभग 15 हजार मीट्रिक टन) गेहूं बाहरी जनपदों में भेजा जाए। इससे गेहूं भंडारण में सुविधा हो जाएगी।
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