अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अभय श्रीवास्तव की अदालत ने युवती के साथ छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को चार वर्ष की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर के मुताबिक पांच जनवरी 2018 को चिरगांव एक व्यक्ति ने तहरीर देते हुये पुलिस को बताया था कि उसकी पुत्री अपनी बहन के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। इसी बीच रास्ते में मोहल्ले के ही रोहित बाल्मीकि ने हाथ पकड़कर जबरन एकांत स्थान की ओर ले जाने का प्रयास किया। चीखने - पुकारने पर रोहित जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग गया।
तहरीर पर थाना चिरगांव में अभियुक्त रोहित बाल्मीकि के विरुद्ध धारा 354 क, 354 घ, 506 आईपीसी व धारा 08 पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। सोमवार को दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने अभियुक्त रोहित बाल्मीकि को धारा 08 पाक्सो एक्ट में चार वर्ष का कारावास, पांच हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास, 354 क व 354 घ में तीन - तीन वर्ष का कारावास, चार- चार हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर दो - दो माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 506 में 02 वर्ष का कारावास, 01 हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 01 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय द्वारा अर्थदंड की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी दिया गया है।