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चिह्नित होंगे सबसे कम मुकदमों के गांव-Dehat

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चिह्नित होंगे सबसे कम मुकदमों वाले गांव
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झांसी। जिले में सकारात्मक पहल शुरू हुई है। ग्रामीणों में भाईचारा व प्रेम बढ़ाने के लिए ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाएगा जहां के लोगों के खिलाफ लड़ाई, झगड़े, आपराधिक घटनाओं के सबसे कम मुकदमे होंगे। इन गांवों के प्रधानों व समाजसेवा करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इतना ही नहीं बिना सरकारी मदद के पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने का काम कर रहे नर्सरी संचालक (पेड़-पौधे बेचने वाले) भी सम्मानित किए जाएंगे। यह घोषणा ‘गोवंश आधारित कृषि एवं उद्योग’ कार्यशाला में सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. कमल टावरी ने की। उनके सहभागी बने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिले के गांवों का सर्वे होगा।
डॉ. कमल टावरी ने कहा कि गलतियां सबक सिखाने के लिए होती हैं। पर्यावरण को बढ़ावा देने वाले सम्मान के पात्र हैं। ऐसा करने वालों से हम सभी को सीख लेनी चाहिए। क्योंकि, भाषण हर कोई देना चाहता है, पर काम बहुत कम लोग करते हैं। हम गलतियां न दोहराएं, यह हमारा आचरण होना चाहिए। इसी से हम प्रकृति में बदलाव ला सकते हैं। पेंशनर्स हमारे लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। जो लोग अच्छा कर रहे हैं, उनका सम्मान होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि झांसी में सूती मिल 20 साल से बंद चल रही है। उस जमीन का कोई सदुपयोग नहीं किया जा सका है। मेरा सुझाव है कि इसे जैविक यूनिवर्सिटी बना दिया जाए तो झांसी और पूरे बुंदेलखंड का बहुत बड़ा फायदा होगा। शुभ लाभ कंसलटेंसी इसका मुख्य आधार है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि अपराध जगत के लोग भी समाज से जुड़े हैं। अन्ना प्रथा से हर व्यक्ति प्रभावित है। मॉडल बनाकर काम करना समस्या का बड़ा निदान है। गांव में यदि कम मुकदमे हैं तो इसका मतलब है कि गांव के लोग सकारात्मक समझ रखते हैं। अभी ऐसा आंकड़ा नहीं है कि किस गांव के लोग कितने मुकदमे लड़ रहे हैं, लेकिन जल्द ही इसका सर्वे कराएंगे और कम मुकदमे वाले गांवों को सम्मानित करेंगे। उन्होंने इसके लिए 15 दिन का समय मांगा।
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घटना, जो प्रेरक बन गई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनके पास एक महिला शिकायत लेकर आई। उसके सात महीने का गर्भ था और वह चाह रही थी कि युवक के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया जाए। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने उसकी काउंसलिंग की और समझाया। करीब एक महीने बाद दोनों में राजीनामा हो गया और शादी भी करा दी गई। इससे एक परिवार उजड़ने से बच गया। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक पहल है। समाज में ऐसे ही कामों की जरूरत है।
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