दुकानों के नहीं उठे शटर, ठप रहा कारोबार
झांसी। कान्फडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान पर वालमार्ट व फ्लिपकार्ट की डील के विरोध में और विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। महानगर के अधिकांश बाजार बंद रहे। कुछ जगह इक्का-दुक्का दुकानें जरूर खुली रहीं। खाने- पीने की दुकानें खुली रहने से लोगों को राहत रही। इस दौरान उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित 24 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने बंद को सफल बनाने के लिए आठ टीमों का गठन किया। पहली टीम ने रानीमहल, सुभाषगंज, गांधी रोड, दूसरी ने बड़ाबाजार, बिसाती बाजार, मालिन चौराहा, गंधीगर का टपरा, तीसरी ने मानिक चौक, सराफा बाजार, जवाहर चौक, सिंधी तिराहा, चौथी ने मिनर्वा, न्यू रोड, पुराना बस स्टैंड, पांचवीं ने नारायण धर्मशाला, झोकन बाग, कचहरी चौराहा, सदर बाजार, छठी ने इलाइट, जीवनशाह, सीपरी रोड, सातवीं ने चित्रा चौराहा, सीपरी बाजार, आर्यकन्या, टंडन रोड, किराना मार्केट, आजाद गंज मार्केट और आठवीं टीम ने नगरा, नैनागढ़, गढ़िया फाटक, प्रेमनगर में सुबह से ही भ्रमण कर दुकानदारों को आग्रह कर दुकानें नहीं खोलने दीं। बंद में पेट्रोल पंप एसोसिएशन, गल्लामंडी और दवा व्यापारियों का भी सहयोग रहा।
हालांकि, आंतिया तालाब लोहा मंडी, न्यू रोड और इलाइट की कई दुकानें खुली रहीं, जिन पर बंद का असर नहीं रहा। दोपहर में व्यापारियों ने इलाइट से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकाली और प्रधानमंत्री को संबोधित 24 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष संजय पटवारी ने कहा कि व्यापारियों की आस्था व्यापार मंडल के साथ है। उन्होंने वालमार्ट- फ्लिपकार्ड की डील रद्द करने की मांग की।
इस मौके पर प्रोफेसर एसआर गुप्ता, डा. जितेंद्र अग्रवाल, अरुण गुप्ता, संजय सर्राफ, संतोष साहू, विनोद साहू, शैलेश भाटिया, अंकुर बट्टा, सतीश जैन, अनिल मौर्या, सौरभ हयारण, अजय चड्डा, संजीव राय, आलोक जैन, दिलीप कारनानी, पवन वर्मा मौजूद रहे। आभार अजीत राय ने व्यक्त किया।
ये रहीं प्रमुख मांगें
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- देश में सरलीकृत जीएसटी कर प्रणाली लागू हो।
- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स एक्ट खाद्य व्यापार के अनुकूल बनें।
- रिटेल व्यापार के लिए राष्ट्रीय नीति बने।
- केंद्र में एक आंतरिक व्यापार मंत्रालय का गठन हो।
- नकद रहित अर्थव्यवस्था के चलन के लिए आवश्यक लाभ और सुविधाएं।
- व्यापारियों को आसान कर्ज उपलब्ध हो।
- ई- कॉमर्स के लिए एक पालिसी बने।
- रिटेल व्यापार एवं ई- कॉमर्स में एफडीआई को अनुमति न दी जाए।
- स्मार्ट सिटी के क्रियान्वयन में व्यापारियों की भूमिका निर्धारित की हो।