किसानों का 44.96 करोड़ रुपये कर्ज होगा माफ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। फसल ऋण मोचन योजना के प्रथम चरण में जिले के 7 हजार 3 सौ 87 कृषकों का डाटा लॉक होते ही उनके ऋण माफ होने का रास्ता साफ हो गया है। अब शासन स्तर से चयनित किसानों के खाते में धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। शुरुआती प्रक्रिया में शासन को 44 करोड़ 95 लाख 98 हजार 427 रुपये 98 पैसे वहन करने होंगे।
प्रदेश सरकार की फसल ऋण मोचन योजना बुंदेलखंड के कर्जदार कृषकों के लिए वरदान साबित हो रही है। विशेषकर अति पिछड़े जनपद ललितपुर के हजार कृषक करीब चार सालों से प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हैं। कभी उन्हें अतिवृष्टि-ओलावृष्टि तो कभी सूखे से जूझना पड़ा है। इस बार भी सूखे के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। कई सालों से कृषक खेतों में फसलें तो बो रहे हैं, लेकिन उसकी उपज को घर नहीं ले जा सके हैं। जिससे किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता ही रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले में 91 हजार 904 लघु एवं सीमांत कृषक एक लाख रुपये की सीमा तक के कर्जदार हैं। यदि इससे हटकर वृहद कृषकों का भी कर्ज का आकलन किया जाए, तो कृषकों का कर्जा अरबों में पहुंच जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी वादा पूरा करने के लिए इस योजना में फिलहाल लघु, सीमांत कृषकों को ही शामिल किया है। जिलास्तरीय समिति ने वास्तविक कृषकों को लाभान्वित करने के मकसद से तमाम फिल्टर लगाए। जिसके उपरांत प्रथम चरण में जिले के 7 हजार 3 सौ 87 कृषकों का चयन हो सका है। इन सभी कृषकों के भूलेख एवं आधार कार्ड सही पाए गए हैं। जिस पर सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार एवं जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश कुमार के डिजिटल हस्ताक्षरों से चयनित कृषकों का डाटा लॉक किया गया। जिसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। इस योजना के प्रथम चरण में शासन को चयनित कृषकों का कर्जा माफ करने के लिए 44 करोड़ 95 लाख 98 हजार 427 रुपये 98 पैसे वहन करने होंगे। जिसकी तैयारी शासन ने पहले ही कर ली है। जिससे चयनितों के खाते में धनराशि हस्तांतरित करने का रास्ता साफ हो गया है।
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यह है पात्रता
लघु एवं सीमांत कृषकों द्वारा 31 मार्च 16 तक लिए गए एक लाख रुपये की सीमा तक के फसली ऋण को योजना में पात्रता की श्रेणी में रखा गया है, इसमें पांच एकड़ तक के कृषक को शामिल किया जा रहा है।
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ऐसे लगा फिल्टर
आधार कार्ड डुप्लीकेट है या नहीं, कृषक की मौत तो नहीं हो गई। किसान लघु एवं सीमांत है या नहीं, कृषि लोन है या नहीं, ऋण खतौनी या पट्टे के आधार पर है या नहीं। इसके अतिरिक्त गाटा नंबर, गांव का नाम, कृषक का नाम, बैंक का नाम, आधार नंबर, आउटस्टेंडिंग लोन, डुप्लीकेट आधार कार्ड नंबर, बैंक का डुप्लीकेट रिकार्ड, एनपीए, केसीसी नंबर, कृषक का नाम व भूलेख डाटा, कृषक की जमीन का जनपद, चकबंदी भूमि, नोन भूलेख मेप्ड रिकार्ड है या नहीं।
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शासन को भेजी गई सूचना
जिलास्तरीय समिति एवं जिलाधिकारी के निर्देशन में कृषकों के चयन की प्रक्रिया अपनाई गई है। शासन को कृषकों के डाटा लॉक होने की सूचना भी दी जा चुकी है। अब शासन से चयनित कृषकों के खाते में धनराशि हस्तांतरित होगी।
बृजेश कुमार
जिला कृषि अधिकारी ललितपुर।