पेन और आधार में अंतर हुआ तो नहीं दाखिल होगा रिटर्न
सब हेड: ढाई लाख तक आय पर जरूरी नहीं भरना
क्रासर
31 जुलाई तक जमा करने है ब्यौरा
एक जुलाई से आवश्यक हुआ आधार नंबर लिंक करना
अमर उजाला ब्यूरो
आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है। इस बार रिटर्न में पेन के साथ आधार नंबर लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। आधार नंबर में गड़बड़ी होने पर रिटर्न स्वीकार नहीं होगा। इसलिए समय रहते करदाता रिटर्न जमा कर दें, ताकि कोई कमी सामने आने पर उसे ठीक किया जा सके।
वार्षिक पांच लाख से अधिक कमाने वाले सभी आयकर दाताओं को 31 जुलाई तक ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना है। पांच लाख से कम आए वाले आयकर दाता मैन्युअल भी कार्यालय में रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, बशर्ते उनका रिफंड का मामला नहीं हो। साथ ही सालाना ढाई लाख से कम आय वाले व्यक्तियों पर रिटर्न भरने के लिए कोई दबाव नहीं है। रिटर्न भरना उनकी मर्जी पर निर्भर है।
आयकर विभाग ने इस बार से रिटर्न में आधार नंबर लिंक करना आवश्यक कर दिया है। यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो चुकी है। ऐसे कई मामले अभी तक सामने आए हैं, जिसमें आधार और पेन नंबर मेल नहीं खा रहे हैं। जैसे कि पेन नंबर में किसी का नाम सुभाष गुप्ता लिखा है और आधार कार्ड में सुभाष गुप्ता के बीच स्पेस नहीं है तो रिटर्न स्वीकार नहीं होगा। इसलिए समय रहते करदाता रिटर्न दाखिल कर दें, ताकि कोई कमी सामने आए तो उसको ठीक किया जा सके।
रिटर्न में करदाता को अपने सभी चालू खातों का एकाउंट नंबर आईएफएस कोड के साथ भरना है। अगर कर दाता अपने चालू खातों के बारे में जानकारी छिपाता है तो पता लगने पर विभाग धारा 154 के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांग सकता है। पासपोर्ट बना है तो उसका नंबर भी भरना है। आयकर विभाग ने आईटीआर टू ए नया फार्म जारी किया है। इस फार्म को उन करदाताओं को भरना है, जिनके पास वेतन के अलावा दो घर या इससे अधिक हैं। एक घर के अलावा अन्य घरों से आय अर्जित हो रही हो या ब्याज से आय प्राप्त हो रही हो। ऐसे कर दाताओं को यह फार्म भरना होगा।
इसलिए जरूरी है
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। तीन से पांच लाख तक की आय पर दस प्रतिशत, पांच से दस लाख तक बीस प्रतिशत और दस लाख से ऊपर की आय पर तीस प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है।
रिटर्न दाखिल करने से यह होते हैं लाभ
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पेन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते है।
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गलती की नहीं रहती संभावना
चार्टर्ड एकाउंटेंट नीमेष खन्ना ने बताया कि ऑनलाइन रिटर्न से गलतियों की संभावना नहीं रहती है। विश्व के किसी भी कोने से ऑनलाइन रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने से आयकर दाता ऑफिस के चक्कर लगाने से बच जाते हैं। 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
आधार नंबर भरने पर यह होगा लाभ
अभी रिटर्न दाखिल करने पर संबंधित फार्म सर्किल के अफसर के हस्ताक्षर होने के बाद बंगलूरू स्थित सीपीसी विभाग में पुष्टि के लिए भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में अगर 120 दिन से अधिक का समय लग जाए तो वह रिटर्न मान्य नहीं होता है, खासकर रिफंड के मामलों में। चूंकि, आधार नंबर बायोमैट्रिक होता है, इस कारण फार्म में आधार नंबर भरने पर इसकी पुष्टि आवश्यक नहीं होती है, इससे करदाताओं को उनका रिफंड अथवा रिटर्न सही दाखिल होने की जानकारी तत्काल हो सकेगी।