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वारिस से खिल उठे किसानो के चेहरे-City

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बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे
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सब हेड: अगर पूरे सीजन हफ्ते में दो से तीन दिन पानी गिरा तो होगी अच्छी पैदावार
क्रासर
उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, तिल आदि फसलों की पौध दिखने लगी खेतों में
अमर उजाला ब्यूरो
बबीना।
सावन में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस सीजन में सप्ताह में दो या तीन दिन ही बारिश होती रही तो खरीफ की फसल अच्छी हो जाएगी। खेतों में उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, तिल आदि फसलों की पौध दिखने लगी है।
ज्यादातर किसानों ने जून में ही खरीफ की फसल के लिए बीज खेतों में डाल दिया था। खरीफ में होने वाली उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, धान, मक्का, तिल आदि फसलों के लिए जुलाई में पानी की बेहद जरूरत होती है। अब इन फसलों में पौध आ चुकी है। ऐसे में पानी की बेहद जरूरत है। दो दिनों से हो रही बारिश ने इन फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है। अब जरूरत है कि किसान फसलों को कीट-पतंगों और खरपतवार से बचाने के लिए दवा का छिड़काव करें।
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दवा के बाद बारिश अमृत
कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के बाद बारिश होना फसलों के लिए अमृत का काम करता है। बारिश के पानी से दवा नीचे तक जाकर पौध की रक्षा करती है। मैंने बुधवार को दवा छिड़की थी और बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पानी बरस गया, जिससे फसलें सुरक्षित हो गईं।
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सुरेंद्र राजपूत, किसान मानपुर।

नमी बेहद जरूरी
खरीफ की फसल की अच्छी पैदावार के लिए नमी बेहद जरूरी है। पानी बरसने से उम्मीद जागी हैं। अभी एक माह तक पानी बरसने की जरूरत है। इससे पूरे सीजन खेत में नमी बनी रहेगी और फसल अच्छी होगी।
हरीराम, किसान मानपुर।
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