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तीसरी लहर से पहले शुरू नहीं हो पाएगा 500 बेड अस्पताल

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तीसरी लहर से पहले शुरू नहीं हो पाएगा 500 बेड का अस्पताल
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अधूरे पड़े 500 बेड अस्पताल के कोरोना की तीसरी लहर से पहले शुरू होने की संभावना न के बराबर है। यदि अभी बजट जारी हो भी जाता है, तो भी अस्पताल का निर्माण पूरा होने में कम से कम छह महीने लग जाएंगे। जबकि, कोरोना की तीसरी लहर आने में विशेषज्ञ दो से तीन महीने का समय बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा 27 सितंबर 2012 को हुई थी। इस पर 123 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन अधूरा पड़ा हुआ है। कई बार मियाद बढ़ाई जाती रही। शासन ने अस्पताल को पूर्ण वातानुकूलित और जीरो मेंटिनेंस के हिसाब से तैयार करने के निर्देश दे दिए। इस वजह से पूर्व निर्धारित बजट कम पड़ गया। पिछले पांच सालों से यह काम बिल्कुल बंद पड़ा हुआ है। अस्पताल के निर्माण और संसाधनों के लिए 73 करोड़ रुपये की दरकार है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद जल्द बजट जारी होने की उम्मीद जगी। मेडिकल कॉलेज की तरफ से भी नया प्रस्ताव शासन को भेजा गया, मगर बजट जारी भी हो जाता है तो भी इसे बनने के कम से कम छह महीने लग जाएंगे। चूंकि, तीन लहर आने में दो से तीन महीने का समय बताया जा रहा है, ऐसे में इससे पहले अस्पताल शुरू होने की संभावना नहीं है।
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25 करोड़ की आनी हैं मशीनें
शासन को भेजे प्रस्ताव में वेंटिलेटर, एचएफएनसी समेत 25 करोड़ रुपये के उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी लगेगा। ताकि, कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों को ऑक्सीजन की समस्या न हो सके। यहां पर नेशनल मेडिकल काउंसिल के मानक के अनुसार डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। 40 बेड की यूनिट में एक एसोसिएट और दो असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ऐसे में अस्पताल में लगभग 38 डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।
एमआरआई, सीटी स्कैन मशीनें लगनी है
500 बेड अस्पताल में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन, 64 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन लगनी है। ये जांचें निजी सेंटरों पर काफी महंगी होती हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की मशीनें काफी पुरानी हो जाने पर बार-बार खराब भी हो जाती है। कोरोना में भी खूब सीटी स्कैन की जांचें हुई हैं। जबकि, ब्लैक फंगस की पहचान के लिए एमआरआई जांच कराई जाती है। ऐसे में इन आधुनिक मशीनों के आने से जनता को काफी लाभ होगा।
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500 बेड अस्पताल का बजट अभी नहीं आया है। बजट मिलते ही तुरंत काम शुरू करा दिया जाएगा। मगर निर्माण पूरा होने, फर्नीचर आदि आने समेत समस्त काम पूर्ण होने में कम से कम छह महीने लग जाएंगे। - एनएस तोमर, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम।
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