सत्यापन कार्य अधूरा होने से जिले के करीब पचास हजार छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति अटकी हुई है जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने की कगार पर है। इस वजह से छात्र काफी चिंतित हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने पर महकमे को सरकारी कोष में पैसा लौटा देना होगा।
प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक के साथ विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले एससी-एसटी, पिछड़े एवं सामान्य वर्ग के पात्र विद्यार्थियों का शिक्षण शुल्क सरकार खुद वहन करती है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत दूसरे तमाम ट्रेड की पूरी फीस संस्थानों को देती है। इसका सर्वाधिक फायदा व्यावसायिक पाठ्यक्रम के छात्रों को मिलता है।
हर वर्ष अक्तूबर-नवंबर तक शुल्क प्रतिपूर्ति के यह मामले निपट जाते हैं लेकिन, इस बार कोविड-19 के चलते इसमें काफी विलंब हो चुका है। पहले सरकार ने समाज कल्याण विभाग के बजट में कैंची चलाते हुए वित्त विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया। इन सबमें अक्तूबर माह बीत गया। इसके चलते छात्रों की आवेदन तिथि भी बढ़ाई गई। बजट जारी होने के बाद कागजी कार्रवाई शुरू हुई। अभी विद्यालयों की ओर से सूची समाज कल्याण विभाग को भेजी जा सकी है। इसका सत्यापन किया जाना बाकी है।
स्थानीय स्तर पर छात्रों को वेरीफाई करने के बाद रिपोर्ट वापस शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद प्रतिपूर्ति के लिए जनपदवार बजट जारी होगा। उधर, छात्र इस लेटलतीफी की वजह से परेशान हैं। छात्रों को चिंता है वित्तीय वर्ष खत्म होने की कगार पर पहुंच गया लेकिन, अभी तक सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो सका। प्री-मैट्रिक से लेकर व्यावसायिक कोर्सों में करीब पचास हजार छात्रों का सत्यापन होना है। छात्रों को डर है कि सत्यापन कार्य अधूरा होने पर बजट वापस लौट जाएगा। ऐसे में उनकी शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं हो सकेगी। वहीं, समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है शासन की ओर से प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। उम्मीद की जा रही कि मार्च तक छात्रों को इसका लाभ मिल जाएगा।
छात्रवृत्ति का भी इंतजार कर रहे
समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति भी अब तक छात्रों को नहीं मिल सकी है। कोविड के चलते छात्रवृत्ति वितरण भी काफी पिछड़ चुका। समान्यतौर पर छात्रवृत्ति दो अक्तूबर को वितरित कर दी जाती है लेकिन, इस बार कोविड-19 एवं आधार अनिवार्य कर देने से समय पर छात्रों को इसका फायदा नहीं मिल सका हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक छात्रवृत्ति भी खाते में पहुंचने की उम्मीद है।