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रेलवे में 50 हजार यात्रियों के बुक थे टिकट

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50 thousand rejervation in railway birth
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झांसी। रेलवे बोर्ड ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के साथ ही ट्रेनों के संचालन पर भी तीन मई तक के लिए रोक लगा दी है। झांसी स्टेशन से अलग- अलग ट्रेनों में सवार होने के लिए 15 अप्रैल से तीन मई की अवधि में 50 हजार से अधिक मुसाफिरों ने अपने आरक्षित कोचों में टिकट बुक करा रखे थे। मगर, अब यह मुसाफिर सफर नहीं कर सकेंगे। पीआरओ मनोज कुमार सिंह के अनुसार रेलवे काउंटर से बुक कराने वाले मुसाफिर लॉकडाउन के तीन महीने बाद तक अपने टिकट निरस्त करा सकेंगे। जबकि ऑनलाइन टिकट का रिफंड खाते में वापस पहुंच जाएगा। यात्रियों को पूरा किराया वापस मिलेगा।
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कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने 23 मार्च से मेल, एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद कर रखा है। यात्रियों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसी उम्मीद से दूसरे शहरों में नौकरी, पढ़ने और व्यापार के सिलसिले में जाने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन आरक्षण करा लिए थे। चूंकि, रेलवे 120 दिन पहले से ट्रेनों में टिकट बुक करना शुरू कर देता है। इस कारण अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में यात्रियों ने जनवरी और फरवरी में टिकट बुक करा लिए थे।
मंगलवार को लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ने के बाद 50 हजार यात्रियों के टिकट बेकार हो गए। इन सभी यात्रियों ने 15 अप्रैल से तीन मई के बीच सफर करने के लिए टिकट बुक कराए थे। इन सब यात्रियों को झांसी स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी, जो झांसी महानगर व बुंदेलखंड के अलग- अलग हिस्सों में रहते हैं। प्रतिदिन झांसी रेलवे स्टेशन से औसत 120 ट्रेनें गुजरतीं हैं। यह ट्रेनें बीना, इलाहाबाद, कानपुर और आगरा की तरफ जाने वाले ट्रैक पर दौड़तीं हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन झांसी से सामान्य दर्जे में औसत 20 हजार और आरक्षित कोचों में करीब पांच हजार मुसाफिर सफर करते हैं।
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