गुरसराय(झांसी)। रामनगर रोड स्थित आसरा आवासों में क्वारंटीन किए गए 221 प्रवासी मजदूरों ने शनिवार की सुबह हंगामा कर पत्थर चला दिए। इससे वहां तैनात कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही एसडीएम गरौठा एवं थानाध्यक्ष गुरसराय मौके पर पहुंचे। दोनों ने उन लोगों को समझा कर मामला शांत कराया। लोग समय से भोजन न मिलने और वहां पर अव्यवस्था होने से नाराज हैं। रामनगर रोड पर स्थित आसरा आवासों में झांसी से लाकर दूसरे प्रदेशों से आए 221 प्रवासी मजदूरों को यहां पर लाकर रखा गया है। यहां पर उनका चिकित्सीय परीक्षण किया गया। इसके बाद उन्हें अलग-अलग कमरों में क्वारंटीन किया गया। शनिवार को सुबह भोजन की व्यवस्था ठीक न होने से वह लोग नाराज होकर हंगामा किया। मामला इतना बढ़ गया कि उन लोगों ने नगर पालिका के कर्मचारियों पर पत्थर फेंक दिए। इसकी जानकारी एसडीएम अशोक कुमार सिंह को दी गई। इसके वह और थानाध्यक्ष अभिनेंद्र सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। उन लोगों ने सभी को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद उनको भोजन दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने मजदूरों का पुन: चिकित्सीय परीक्षण किया।
इसके अलावा शनिवार की शाम को दो बसों से 50-50 मजदूरों को और वहां भेजा गया है। इसके अलावा झांसी से पांच सौ से ज्यादा मजदूर यहां पर आए। काफी लोगों को एरच एवं कुरैठा में शिफ्ट किया गया। मॉडल स्कूल कुरैठा भेजे गए। शनिवार की देर रात सरकारी मॉडल स्कूल कुरैठा में लगभग
तीन सौ के ऊपर प्रवासी मजदूरों के अलावा अन्य लोगों को भेजा गया। लोगों को डीसीएम एवं पिकअप गाड़ियों में भरकर लाया जा रहा है। उपजिलाधिकारी गरौठा ने बताया कि लगभग पांच सौ लोगों के ऊपर जिला से
मजदूरों वर्ग के लोगों को भेजा गया है जिसमें से आधे एरच एवं आधे माडल स्कूल कुरैठा में शिफ्ट करवाए जा रहे हैं। वहीं बामौर ब्लॉक का प्रभारी खंड विकास अधिकारी बामौर को बनाया गया है। उधर, मोंठ स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुमित मिसुरिया ने बताया कि शेल्टर होम में बीती रात आए करीब डेढ़ सौ लोगों की थर्मामीटर गन से जांच की गई। जांच के दौरान कोई व्यक्ति संदिग्ध नहीं मिला।