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पांच-पांच लाख में बांटीं बीएड की फर्जी डिग्रियां

Sun, 14 Jun 2015 12:52 AM IST
झांसी / ब्यूरो
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पांच-पांच लाख रुपये लेकर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बीएड की फर्जी डिग्रियां बांटी गईं। यूपी ही नहीं कई प्रदेशों में विद्यार्थियों को गिरोह ने अपना शिकार बनाया है। इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए झांसी में कई प्रदेशों की पुलिस टीमों ने डेरा डाल लिया है।
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खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कोेई ऐसा गिरोह है, जिसने दक्षिण भारतीय विद्यार्थियों को बीएड की फर्जी डिग्रियां बनवा देने के नाम पर लाखों रुपये ठगे हैं। फर्जी डिग्रियों के आधार पर जब छात्रों ने नौकरी के लिए आवेदन किया तो वेरिफिकेशन में मामला पकड़ में आ गया। वेरिफिकेशन में पता चला कि संबंधित रोल नंबर व एनरोलमेंट नंबर का कोई भी छात्र का रिकॉर्ड बीयू में उपलब्ध ही नहीं है। इसकी जांच के लिए आंध्र प्रदेश की पुलिस टीम ने झांसी में डेरा डाल लिया है। खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार जांच टीम की कमान एक उच्च अधिकारी के हाथों में है। इसके अलावा  उत्तराखंड, हिमाचल व दिल्ली पुलिस की टीमें भी झांसी आ गईं हैं। अलग-अलग प्रदेशों की पुलिस टीमें लोकल खुफिया विभाग के साथ मिलकर गिरोह की जड़ें तलाश रही हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने यूनिवर्सिटी में भी गुप्त रूप से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

गिरोह के जाल में यह छात्र  फंसे
झांसी। फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी को आवेदन करने वालों में आंध्र प्रदेश के चिंतम लिंगलाह पुत्र भूचालाल व बंडी रमेश पुत्र चंद्रलह का नाम प्रकाश में आया है। चिंतम लिंगलाह को वर्ष 1998-99 में दी गई बीएड की डिग्री में रोल नंबर 4904 दर्शाया गया है। वहीं, बंडी रमेश को भी 4904 रोल नंबर की वर्ष 2011-12 में बीएड की डिग्री दी गई। बाद में हुए वेरिफिकेशन में पता चला कि इन नंबर तक तो रोल नंबर ही आवंटित नहीं हुए थे। अभिलेखों में इन रोल नंबर का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। बताया गया कि इन छात्रों से फर्जी डिग्री बनवाने को पांच -पांच लाख रुपये में सौदा हुआ था।
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