झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम स्थित स्वीमिंग पूल में प्रवेश के लिए आवेदनों की भरमार हो गई है। जिस कारण स्टेडियम प्रशासन को आए आवेदनों के समय आवंटन में असुविधा हो रही है। इस बार तीन गुना से अधिक आवेदन स्वीमिंग पूल में प्रवेश के लिए आए हैं। कई लोग अनावश्यक दबाव बनाकर आवंटन कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
कोरोना काल में दो साल मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में स्थित स्वीमिंग पूल बंद रहा। मई के अंतिम सप्ताह से एक बार फिर शुरू हुए स्वीमिंग पूल में प्रवेश के लिए आवेदनों की भरमार हो गई है। इस बार स्वीमिंग पूल में प्रवेश के लिए 450 अधिक आवेदन आए हैं। स्टेडियम से मिली जानकारी के अनुसार पहले स्वीमिंग पूल सिर्फ पांच शिफ्ट में संचालित किया जाता था। लेकिन बढ़े आवेदन के कारण अब सात शिफ्ट में संचालित किया जाएगा। इन आवेदनों का समय आवंटन उम्र सीमा के अनुसार स्टेडियम प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। स्टेडियम के आरएसओ सुरेश बोनकर ने कहा कि आवेदक दबाव बनाएंगे तो समय आवंटन में परेशानी तो होगी। साथ ही पूल का पानी बदलने, साफ-सफाई और रख-रखाव के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। जिससे आवेदकों को भी समस्या होगी।
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निजी स्वीमिंग पूल की फीस अधिक होना भी एक कारण
निजी स्वीमिंग पूल की फीस स्टेडियम स्थित स्वीमिंग पूल की मासिक फीस की तुलना में बहुत कम है। जिस कारण यहां दाखिले के लिए आवेदन इतने अधिक आ रहे हैं।