झांसी। अब घर बैठकर ही मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध दवाओं और सर्जिकल सामान का ब्योरा देखा जा सकेगा। ई-हॉस्पिटल के तहत महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही डॉक्टर बेवजह बाहर की दवाएं नहीं लिख पाएंगे। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा।
ई-हॉस्पिटल के तहत महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्रथम चरण के अंतर्गत मरीजों का ऑनलाइन पर्चा बनना, जांच की फीस रसीद कटने का काम शुरू हो गया है। अब यहां पर दूसरा चरण शुरू होना है। दूसरे चरण में मेडिकल कॉलेज में दवाओं, सर्जिकल सामान, कॉटन आदि की उपलब्धता ऑनलाइन की जा रही है। ये होने के बाद कॉलेज में इनकी उपलब्धता की जानकारी कोई भी कर सकेगा।
उसे ई-हॉस्पिटल की वेबसाइट पर जाकर इसकी जानकारी मिल जाएगी। इससे व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। यदि डॉक्टर बेवजह मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं तो फिर मरीज आपत्ति दर्ज करा सकेगा। वहीं, डॉक्टर भी जानकारी कर उपलब्ध दवाएं मरीजों को लिखेंगे। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन को भी दवाओं, सर्जिकल सामान आदि के स्टॉक की जानकारी होगी। ताकि, खत्म होने से पहले ही शासन को मांग भेजी जा सके। इस योजना से सरकार को भी किस दवा की खपत ज्यादा है, उसकी जानकारी मिल सकेगी। ऐसे में दवा कंपनियों से उन्हीं दवाओं की खरीद ज्यादा की जाएगी।
लखनऊ में बैठक आज
ई-हॉस्पिटल के दूसरे चरण को प्रभावी करने के लिए लखनऊ में सोमवार को बैठक होगी। इसमें झांसी समेत कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज और कानपुर के कार्डियोलॉजी और जेके कैंसर हॉस्पिटल के ई-हॉस्पिटल के नोडल अधिकारियों को बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो 15-20 दिन के अंदर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध दवाओं, सर्जिकल सामान आदि का ब्योरा ऑनलाइन किया जा सकता है।