प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 जनवरी को हरी झंडी दिखाते ही प्रेमनगर हाट के मैदान में रेल डिब्बों की नई रिफर्बिशमेंट फैक्ट्री बनने का काम शुरू हो जाएगा। पीएम जनपद की अन्य योजनाओं के साथ कोच फैक्ट्री का भी शिलान्यास करेंगे। साथ ही झांसी से खैरार के बीच विद्युतीकरण के काम का भी लोकार्पण होगा। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर रेलवे ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रेल मंत्रालय नगरा हाट के मैदान के पास रेल के डिब्बों की नई रिफर्बिशमेंट फैक्ट्री स्थापित करने जा रहा है। फैक्ट्री को स्थापित करने के लिए 454.89 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। फैक्ट्री में लिंके हॉफमेन बुश कोच (एलएचबी) को सजाने (नवीनीकरण) का काम होगा। यह कोच शताब्दी और गतिमान एक्सप्रेस में लगे हैं। फैक्ट्री में प्रतिमाह पचास कोचों के नवीनीकरण की योजना है। नगरा हाट के मैदान से कैथड्रिल स्कूल के पीछे तक खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर फैक्ट्री बननी है। फैक्ट्री के लिए 135 एकड़ जमीन उपलब्ध है।
रेलवे विकास निगम लिमिटेड को फैक्ट्री बनाने का काम सौंपा गया है। कानपुर कैंप कार्यालय में बैठने वाले चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव श्रीवास्तव की देखरेख में डिजाइन तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। 135 एकड़ जमीन के दायरे में 165 क्वार्टर आ रहे हैं, जिनको तोड़ा जाएगा। इन कर्मचारियों की सूची जारी कर क्वार्टर खाली करने के लिए पत्र लिख दिया गया है। इन क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को पश्चिमी रेलवे कालोनी के खाली पड़े क्वार्टरों में शिफ्ट किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 31 जनवरी को झांसी दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वह जनपद की विभिन्न योजनाओं के साथ उक्त नई कोच फैक्ट्री का शिलान्यास और झांसी - मानिकपुर सिंगल ट्रैक पर झांसी खैरार और भीमसेन खैरार के बीच पूरे हो चुके विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी करेंगे। शिलान्यास के साथ ही फैक्ट्री को बनाने का काम शुरू हो जाएगा। शिलान्यास की तैयारियां रखने के संबंध में प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव राजेश कुमार का पत्र रेलवे को मिल चुका है। इसके बाद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन सक्रिय है।
‘हमने पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, अभी सरकारी तौर पर कोई पत्र नहीं मिला है। जिन कर्मचारियों के क्वार्टर खाली कराए जाएंगे उनसे पूछा जाएगा कि वह कहां रहना चाहते हैं। इसी के आधार पर कार्रवाई होगी।’
-संजय कुमार नेगी, अपर मंडल रेल प्रबंधक।
इनका भी होना है उद्घाटन
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर नए फुट ओवर ब्रिज पर रैंप और लिफ्ट लगकर तैयार हो गई है। प्लेटफार्म एक पर टीटीई लॉबी का भी नवीनीकरण हो गया है। बिजौली के पास क्रासिंग गेट नंबर 363 पर अंडर रोड ब्रिज भी बनकर है। इन सभी कार्यों के उद्घाटन के लिए रेल प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती को पत्र लिखकर समय मांगा है।
तीस फीट का रास्ता मिलेगा
हाट के मैदान में कोच फैक्ट्री बनने पर प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बगल से निकले रास्ते को तीस फीट का किया जाएगा, जो काठ के पुल के पास खुलेगा। यह रास्ता हाट के मैदान से खाती बाबा की तरफ जाने वाले रास्ते के बीच नीम माता मंदिर के पास से होकर जाएगा। इस रास्ते से प्रेमनगर के लोग खातीबाबा और पश्चिमी रेलवे बुकिंग ऑफिस की तरफ जा सकेंगे। रेलवे विकास निगम लिमिटेड ने जमीन की नापतौल करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है।
ये भी जानिए
लिंके हॉफमेन बुश (एलएचबी) डिब्बों में ऐसी आधुनिक प्रौद्योगिकी है, जो ट्रेन के पटरी से उतरने के दौरान डिब्बों को पलटने से रोकती है। रेल मंत्रालय पारंपरिक आईसीएफ डिब्बों का निर्माण 2019 तक पूरी तरह बंद कर देगा। सिर्फ एलएचबी डिब्बों का प्रयोग होगा। इन कोचों की गति 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जा सकती है। इनमें एंटी टेलीस्कोपिक सिस्टम होता है, जिसके कारण यह डिब्बे आसानी से पटरी से नहीं उतर पाते। यह डिब्बे स्टेनलेस स्टील और एल्युमीनियम के बने होते हैं, जबकि आईसीएफ डिब्बे माइल्ड स्टील के बने होते हैं। यह डिब्बे अलग तरह की कपलिंग से जोड़े जाते हैं। इन दिनों कोच कारखानों में एलएचबी डिब्बों को बनाने का काम तेजी से चल रहा है।