शहर में जगह-जगह अवैध निर्माण हो रहे हैं। हालात ये हैं कि क्षेत्र के कई इलाकों में बिना नक्शे के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। झांसी विकास प्राधिकरण अमले से साठगांठ होने के चलते शिकायत होने के बाद भी अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। जेडीए सूत्रों के अनुसार शहर में लगभग 50 फीसदी अवैध निर्माण हैं।
झांसी विकास प्राधिकरण की लापरवाही के चलते शहर भर में अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। शहर में जगह-जगह नियम विरुद्ध अवैध निर्माण कराया जा रहा है। मौजूदा समय में शहर में बेतरतीब तरीके से भवनों को बनाया जा रहा है। बिना अनुमति के पॉश इलाकों में भी जम कर निर्माण कराया जा रहा है। जेडीए सूत्रों की मानें तो शहर भर में लगभग पचास फीसदी अवैध निर्माण हैं।
वहीं, शहर भर में लगातार अवैध कालोनियों को बसाया जा रहा है। लेकिन जेडीए के कर्मचारियों को अवैध रूप से कराये जा रहे अवैध निर्माण नहीं दिख रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस थमा दिया जाता है। नोटिस के बाद सुनाई का नियम है। जो कि बाद में बड़ी आसानी से निपट जाता है। इस वजह से शहर भर में लोग बेखौफ होकर अवैध निर्माण करा रहे हैं। इस मामले में जब जेडीए सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा से बात करना चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
यह है नियम
प्राधिकरण क्षेत्र में भवन का निर्माण कराने से पहले ही जेडीए से अनुमति लेना आवश्यक होता है। नक्शा पास कराने के लिए कॉमर्शियल और आवासीय निर्माण के लिए अलग-अलग शुल्क अदा करना होता है।