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बस संचालन की खबर-City

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एक महीने में बंद हुई चालीस बसें
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झांसी। लगातार बढ़ रही डीजल की कीमतों के कारण झांसी से विभिन्न रूटों पर जाने वाली चालीस बसें पिछले एक महीने में चलना बंद हो गईं हैं। ऑपरेटरों के कहना है कि 2014 में शासन ने सात पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ाया था। इसके बाद डीजल के रेट बढ़ते गए, लेकिन किराया नहीं बढ़ा। इस कारण खर्चा निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
डीजल मूल्य वृद्धि के साथ ही महंगे हो रहे टायर और अन्य पार्ट्स भी बस ऑपरेटरों के लिए समस्याएं खड़ी किए है। दूसरी ओर डग्गामार वाहनों का संचालन भी इनके पेट पर चोट पहुंचा रहा है। जिला बस आपरेटर्स यूनियन के सदस्य याकूब अली की माने तो डीजल पिछले दो से तीन वर्षों में 55 से 70 रुपये हो गया। किराया 2014 से नहीं बढ़ा। जो बढ़ा था वह भी बहुत मामूली था। हाल यह है कि जिले में 350 के करीब प्राइवेट बस चलती हैं। पिछले एक महीने में चालीस बसें चलना बंद हो गई हैं।
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एसोसिएशन के कार्यालय सचिव गौरी सोनी के मुताबिक ललितपुर रूट पर दौड़ रही 35 बसों में से पांच, गरौठा-मऊरानीपुर रूट पर 65 में से 10, समथर रूट पर 35 में से 5, टीकमगढ़ रूट पर 40 में से 10, ग्वालियर-शिवपुरी रूट पर 40 में से 10 बसें डीजल के दाम बढ़ने के कारण बंद हो गई हैं।

350 चालक-परिचालकों बेरोजगार
डीजल मूल्य वृद्धि ने कई लोगों से उनका रोजगार भी छिन लिया है। बस संचालकों के मुताबिक प्रत्येक बस में तीन कर्मचारियों का स्टाफ रहता है। इनमें एक ड्राइवर, एक कंडक्टर और एक हेल्पर शामिल है। जनपद में एक माह पहले इन कर्मचारियों की संख्या तक लगभग 1500 थी। लेकिन इनमें से लगभग 350 कर्मचारी खासकर ड्राइवर व कंडक्टर काम छोड़ने को मजबूर हैं। वहीं छोटे वाहनों से मिल रही स्पर्धा के कारण मऊरानीपुर जैसे रूट पर 40 रुपये में यात्रा करने को बस संचालक विवश हैं, जबकि इसका निर्धारित किराया 65 रुपये है। बस संचालकों के अनुसार प्रत्येक यात्री से 70 पैसे प्रति किलोमीटर किराया लिया जाता है।
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पत्र लिखेंगे
2014 में सात पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ा था। किराया वृद्धि के लिए एसोसिएशन राज्य सरकार को पत्र लिखेगा।
मोहम्मद याकूब, अध्यक्ष जिला बस आपरेटर्स एसोसिएशन

बस संचालन बंद होने का हल निकालेंगे
बसों के संचालन बंद होने की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है, तो इसका हल निकाला जाएगा। बस आपरेटर्स से बात की जाएगी। किराया बढ़ाने के लिए यदि वह प्रस्ताव देते हैं, तो उसे क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में रखा जाएगा।
- आर के सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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