प्राइवेट प्रैक्टिस की सूची में कुछ संविदा डॉक्टर भी
- शासन के निर्देशानुसार ओपीडी के दिन नहीं कर सकते प्रैक्टिस
- शासन को रिपोर्ट भेजी, हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कुछ संविदा डॉक्टर भी प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त हैं। खुफिया विभाग ने शासन को प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की सूची सौंपी है, उसमें संविदा के कुछ चिकित्सकों के भी नाम हैं। शासनादेश के अनुसार ओपीडी के दिन संविदा डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं।
अभी तक लोगों को यही पता होगा कि सरकार ने नियमित चिकित्सकों को ही प्राइवेट प्रैक्टिस करने से रोक रखा है लेकिन ऐसा नहीं है। शर्तों के साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर रोक संविदा पर रखे गए डॉक्टरों पर भी है। शर्त यह है कि जिस दिन संविदा डॉक्टर की ओपीडी होगी, वह उस दिन प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेगा। मगर जन जागरूकता के अभाव में अधिकतर संविदा डॉक्टर इस नियम की धड़ल्ले से अवहेलना कर अपने बोर्ड चस्पा कर पूरे ह?ते प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त रहते हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की ही बात करें तो यहां पर संविदा पर रखे गए कई डॉक्टर ओपीडी के दिन भी प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। यही नहीं, कुछ संविदा डॉॅक्टरों ने तो मेडिकल कॉलेज को अपने निजी क्लीनिक, अस्पताल के लिए मरीज रेफर करने का अड्डा बना रखा है। कुछ दिन पूर्व शासन ने खुफिया विभाग को प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की 16 बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा था। सूत्रों की मानें तो खुफिया विभाग की ओर से जो 20-25 डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है, उसमें कुछ संविदा चिकित्सकों के भी नाम शामिल हैं। जो ओपीडी समय में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। अब देखना है कि शासन इसके खिलाफ कब और क्या कार्रवाई करता है।