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सुन लो सरकार, 30 को बंद रहेगा व्यापार
सब हेड: जीएसटी के जटिल नियमों के विरोध में व्यापारी एकजुट
क्रासर
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का दावा सभी ट्रेड यूनियनों उनके साथ
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के जटिल नियमों के विरोध में व्यापारियों ने 30 जून को भारत बंद का ऐलान किया है। मंगलवार को व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष ने दावा किया कि सभी ट्रेड यूनियन का समर्थन उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी हमेशा सरल टैक्स प्रणाली की मांग करता रहा है। जटिल टैक्स प्रणाली के कारण भ्रष्टाचार बढ़ता है और व्यापारी का उत्पीड़न होता है। जीएसटी काउंसिल की अभी तक 19 बैठकें को चुकी हैं और हर बार टैक्स को जटिल बनाने का काम हुआ। कुछ घातक और जटिल नियमों के कारण व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र ने 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान व्यापारी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। अगर इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा आंदोलन होगा।
इस मौके पर महेश राय, पुनीत अग्रवाल, मुकेश मिश्रा, मुकेश अग्रवाल, राजेश शर्मा, बृजबिहारी सोनी, अनूप सहगल, अन्नू गुप्ता, नीरज मल्होत्रा, उमेश गुप्ता, सुनील अग्रवाल, रमेश चंद्र जौरी, संजय सेठ उपस्थित थे।
ये हैं मांगे
- इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था में परिवर्तन।
- रिटर्न फाइल न करने पर व्यापारी की न हो जिम्मेदारी।
- ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर पांच लाख करने।
- अपंजीकृत व्यापारी से कच्चे माल पर रिवर्स चार्ज न लिया जाए।
- पेनल्टी की व्यवस्था एक साल के लिए स्थगित हो।
- सजा और जेल के प्रावधान को खत्म किया जाए।
- 30 जून तक बचे स्टॉक पर शत प्रतिशत मिले आईटीसी का लाभ।
- मंडी शुल्क को समाप्त कर जीएसटी में ही समाहित हो।
- कपड़ा व्यापार पर जीएसटी न लगाया जाए।
- ऑनलाइन के साथ मैन्युअली रिटर्न दाखिल करने की भी हो व्यवस्था।
- महीने में तीन रिटर्न की जगह तीन माह में एक रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था हो।
- ब्रांडेड अनाज, दलहन को टैक्स से मुक्त रखा जाए।