झांसी। महानगर में यातायात के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह बात हम नहीं बल्कि यातायात विभाग बता रहा है। यहां डेढ़ साल के भीतर झांसी के 40200 लोगों ने यातायात के नियमों को तोड़ा है। सबसे ज्यादा चालान बगैर हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के हुए लेकिन शराब पीकर ड्राइविंग करने वालों को पुलिस नहीं तलाश पाती है। केवल 36 लोगों का ही चालान किया गया है।
तेइस हजार से अधिक लोग तो ऐसे हैं, जो बिना हेलमेट लगाए वाहन चलाते पकड़े गए। ट्रैफिक रूल तोड़ने वाले इन लोगों के ई -चालान ने विभाग को मात्र डेढ़ साल में एक करोड़ 15 लाख रुपये की कमाई कराई है। यातायात नियम तोड़ने वाले पहले तो ट्रैफिक पुलिस से बचकर निकल जाते थे, लेकिन जब से ई- चालान की सेवा शुरू हुई है, तब से यातायात विभाग भी चौकन्ना हो गया है। झांसी में फरवरी 2021 में शुरू हुई ई चालान सेवा के बाद से यातायात पुलिस ने जून 2022 तक डेढ़ साल में तेज गति से वाहन चलाने वाले, बिना सीट बेल्ट लगाए चारपहिया वाहन चलाने वालों ते चालान किए। ई- चालान प्रणाली के अंतर्गत ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान उनके घरों पर भेज दिए जाते हैं। करीब 23200 दोपहिया वाहन चालकों का हेलमेट न पहनने पर चालान हुआ। वहीं, गलत जगह पर गाड़ी खड़ी करने वालों का भी सबसे अधिक चालान किया गया। इससे इस साल चालान की संख्या बढ़ने के साथ ही जुर्माना राशि वसूली में भी इजाफा हुआ है।
बिना हेलमेट वाले चालान - 23200
गलत पार्किंग करने वाले - 6000
दोपहिया पर तीन सवारी वाले - 7000
संकेतकों के उल्लंघन, नंबर प्लेट, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वाले- 4500
शराब पीकर वाहन चलाने वाले - 36
कोरोना के चलते डेढ़ साल से कम हुई शराब पीने वालों की जांच
कोरोना के चलते वर्ष 2021-22 में शराब पीने वाले वाहन चालकों की संख्या महत सिर्फ 36 है। अफसरों का कहना है कि कोरोना के चलते माउथ एनालाइजर मशीन से जांचे नहीं की जाती थी। इधर 2022 में सिर्फ 36 वाहन चालकों को पकड़ा है।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। कोरोना काल के चलते शराब पीने वाले वाहन चालकों का चालान नहीं किया जा रहा था। इनमें सबसे ज्यादा बिना हेलमेट बिना सीटबेल्ट लगाए वाहन चलाने वाले लोगों के चालान किए गए हैं। लोगों को यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क पर लापरवाही ठीक नहीं है। शैलेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी