झांसी। मऊरानीपुर में औद्योगिक क्षेत्र के विकास हेतु 37 साल पूर्व अधिग्रहीत की गई जमीन अब उद्योग विभाग के नाम दर्ज होगी। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मऊरानीपुर में औद्योगिक आस्थान के विकास के लिए सन 1978 में 13.46 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। 11.83 एकड़ जमीन ग्राम सभा व 1.63 एकड़ जमीन निजी ली गई थी। ग्राम सभा की अधिग्रहीत की गई जमीन का छह हजार तथा निजी भूमि के काश्तकार को 20 हजार रुपये मुआवजा दिया गया था।
लेकिन, राजस्व अभिलेखों में उक्त जमीन उद्योग विभाग के नाम दर्ज नहीं हो पाई थी। जबकि, विभाग ने उक्त जमीन पर कब्जा ले लिया था। वर्तमान में वहां औद्योगिक इकाइयां भी कार्यरत हैं। निजी काश्तकार से ली गई भूमि ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित है।
अधिग्रहण के बाद जमीन अपने नाम दर्ज न कराने का खामियाजा विभाग को अब भुगतना पड़ा। निजी काश्तकार ने अपने हिस्से की जमीन की बिक्री किसी और को कर दी। क्रेता द्वारा जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
डिप्टी कमिश्नर उद्योग रविकांत शुक्ला ने बताया कि अब इस मामले में जिलाधिकारी अनुराग यादव ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) व मऊरानीपुर के उप जिलाधिकारी को उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में उद्योग विभाग के नाम दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।