रिजवान उज्जमा
झांसी। बिजली सुधार और चोरी रोकने के नाम पर झांसी मंडल में 363 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन न तो आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त हुई न ही बिजली चोरी पर अंकुश लग सका।लाइन लॉस 24.73 फीसदी पर ही आ सका, जबकि लक्ष्य 15 प्रतिशत पर लाने का है।
हाल यह है कि हर साल रखरखाव पर भी लाखों रुपये खपाए जाते हैं। इसके बावजूद, जिले में सुचारू विद्युत आपूर्ति विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। थोड़ी देर के लिए आंधी चलते ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। ओवरलोड के चलते ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ता है। पिछले दिनों शहर में बिजली संकट की स्थिति देखने को मिली।
ऊर्जा निगम उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन गर्मी शुरू होते ही निगम के यह दावे हवाई साबित हो जाते हैं। शहरों को छोड़ दें तो ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। यह स्थित तब है, जब बिजली विभाग विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए हर साल करोड़ों रुपये का प्रस्ताव तैयार करता है।
झांसी मंडल में रीवैंप योजना के तहत 363 करोड़ रुपये से काम कराए जा रहे हैं। इसमें 58 करोड़ रुपये कार्य पर और 305 करोड़ रुपये सामग्री पर खर्च हो चुके हैं। इन रुपयों से पोल लगाने, जर्जर लाइनों को बदलने, कृषि फीडरों के निर्माण, ओवरलोड फीडरों को दो भागों में बांटने का कार्य चल रहा है। इन सबके पीछे मुख्य उद्देश्य जर्जर सिस्टम को सुधारने के साथ बिजली चोरी रोकना था, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च कर देने के बाद भी न तो सिस्टम में कहीं सुधार दिख रहा है, न ही लाइन लॉस पर ज्यादा असर दिखाई दे रहा है।
बॉक्स में -
तीन सालों में लाइन लॉस
वर्ष लाइन लॉस
मार्च 2023 28.18 प्रतिशत
मार्च 2024 27.17 प्रतिशत
मार्च 2025 24.73 प्रतिशत
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योजना के कार्याें की अब तक की प्रगति
- 82 हजार पोल में अब तक 66,500 पोल स्थापित
- 3,688 किमी. एलटी लाइन में 3,250 किमी. लाइन का निर्माण।
- 781 किमी. आर्मर्ड केबल मेें 740 किमी. लाइन का निर्माण
- 64 ओवरलोड फीडरों में 45 काे दो भागों में किया जा चुका विभक्त।
- 18 में 12 ट्यूबवेल (कृषि) फीडरों का निर्माण।
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नवंबर में करना था पूरा, छह माह बाद भी अधूरा
तीन साल से चल रहा रीवैंप योजना का काम नवंबर 2024 में पूरा हो जाना था। इसके लिए कंपनी को डेडलाइन भी दी गई थी, लेकिन छह माह से अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन कार्य अभी भी अधूरा है। दावा किया गया था कि गर्मी से पहले सुधार कार्य पूरा कर बेहतर आपूर्ति दी जाएगी, लेकिन सारे दावे फेल हो गए। हालांकि विभाग की ओर से कंपनी को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है और बिलों में करोड़ों रुपये की कटौती की जा चुकी है। फिर भी कार्यों की रफ्तार नहीं बढ़ सकी।
वर्जन
- बिजली सुधार के लिए रीवैंप योजना से झांसी के तीनों जनपद में कार्य कराए जा रहे हैं। कंपनी के धीरे कार्य किए जाने पर बिलों में कटौती की गई है। कार्य में पहले की अपेक्षा सुधार है, यदि कार्य न होता तो और भी अधिक समस्या होती। - मोहम्मद सगीर, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण मंडल, झांसी