झांसी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे जल संस्थान का जिले के 360 संस्थानों पर 18 करोड़ 50 लाख रुपये का जलकर बकाया है। ये स्थिति वसूली में सुस्ती की वजह से बनी है। यह बात सोमवार को मंडलायुक्त द्वारा की गई समीक्षा में निकलकर सामने आई। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने दो दिन के भीतर सभी बकायेदारों को नोटिस जारी कर का विशेष अभियान चलाकर वसूली के निर्देश दिए हैं।
जलसंस्थान का जिले में होटल, मैरिज हॉल, लॉज, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, अस्पताल व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा बैंकों पर भी भारी भरकम जलकर बकाया है। वसूली की कमोबेश यही स्थिति ललितपुर व जालौन में भी बनी हुई है। जबकि, जलसंस्थान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हालात ये हैं कि संस्थान को कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए भी अक्सर बजट का संकट आ जाता है।
मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने इस स्थिति पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि जलमूल्य व जलकर की वसूली में अधिशासी अभियंता लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने तीनों जिलों के अधिशासी अभियंताओं को कठोर चेतावनी दी है। साथ ही महाप्रबंधक को सभी बकायेदारों को नोटिस जारी कर विशेष अभियान चलाकर वसूली करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस माह वसूली की स्थिति में सुधार नहीं आने पर आरसी जारी की जाए। कमिश्नर ने कहा कि वसूली में सुधार न होने पर अगले माह वेतन के लिए शासन से मांगी जाने वाली ग्रांट आगे नहीं भेजी जाएगी। उन्होंने पेय जलापूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
इस मौके पर वित्त प्रबंधक जल संस्थान महेश चंद्र पांडेय, महाप्रबंधक मंजूरानी गुप्ता, सचिव अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।