झांसी। जिला पंचायत का सलाना बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। नए वित्तीय वर्ष में राज्य वित्त आयोग के जरिए 26 करोड़ समेत टैक्स से 77 लाख का अनुमान किया गया है। वहीं, 34 करोड़ रुपये की सलाना कार्ययोजना भी मंजूर की गई है।
जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष प्रतिमा यादव की अध्यक्षता में बैठक आंरभ हुई। पिछली बैठक कोरम पूरा न होने से स्थगित हो गई थी लिहाजा इस बार कोरम पूरा करने के लिए कुछ सदस्य अस्वस्थ होने के बावजूद पहुंचे। सबसे पहले अपर मुख्य अधिकारी अशोक यादव ने चालू वित्तीय वर्ष का पुनरीक्षित बजट पेश किया। इसे बगैर किसी चर्चा के सदस्यों ने पारित कर दिया। गांवों में सड़क, नाली, खंडजे के नाम पर 35 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया। जिपं सदस्य बाल किशुन ने छोटी गुमटियों पर लगने वाले टैक्स को हटाने की मांग की।
मध्यम स्तर के भट्टा संचालकों को भी छूट दिए जाने की मांग की गई। सदस्य अंजना यादव ने छात्र संख्या के लिहाज से विद्यालय में शिक्षकों की मांग की। सदस्य नरेंद्र सारौल ने विकास कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। सदस्य भारत सिंह ने लाल बहादुर विद्यालय में विज्ञान संकाय की मान्यता लेने में हो रही लेटलतीफी पर रोष जताया। अपर मुख्य अधिकारी ने यह प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का भरोसा दिलाया। प्रस्ताव पारित होने के बाद अध्यक्ष ने बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। बैठक में विधायक राजीव सिंह पारीछा, एमएलसी रमा निरंजन समेत अन्य सदस्य एवं अधिकारी मौजूद रहे।
आय
टैक्स 77 लाख
हाट बाजार 4.36 करोड़
सम्पत्ति 37.47 लाख
कुल आय 46.26 करोड़
व्यय
मरम्मत कार्य 25.50 करोड़
मूल निर्माण कार्य 30 लाख
शिक्षा 1.20 करोड़
कुल व्यय- 46.26 करोड़
मिनटों में करोड़ों का बजट पारित
आधे घंटे चली विधायक की पाठशाला
जिपं सदस्यों ने करोड़ों रुपये का बजट महज कुछ मिनटों में ही निपटा दिया। अध्यक्ष प्रतिमा यादव करीब 12.55 मिनट पर सभागार में आईं। उसके बाद 1.10 मिनट पर चर्चा पूरी हो गई। बजट के आय-व्यय में भी कोई बदलाव नहीं किया गया हालांकि विधायक राजीव सिंह पारीछा की पाठशाला करीब आधे घंटे तक चली। इस दौरान विधायक ने सदस्यों को विकास में राजनीति न करने को लेकर काफी देर तक घुट्टी पिलाई। इशारों-इशारों में विधायक ने सदस्यों के बीच ठेकेदारी को लेकर नाखुशी भी जाहिर कर दी। विधायक की नसीहत सदस्यों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
सोलर लाइट को अब तक नहीं दिए प्रस्ताव
सोलर लाइटों को लेकर ग्रामीण इलाकों में जबर्दस्त मची मारामारी के बावजूद जिला पंचायत सदस्य इसके प्रस्ताव अब तक नहीं दे सके। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि 13 लाइटों का कोटा प्रत्येक सदस्य के पास है लेकिन, किसी ने प्रस्ताव नहीं दिया। उन्होंने सदस्यों से जल्द प्रस्ताव देने की बात कही।
सांसद-विधायकों के बीच बंट गई पंचायत निधि
जिपं सदस्यों ने कार्ययोजना में मनमानेपन का लगाया आरोप
राज्य वित्त आयोग के जरिए ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों के लिए 26 करोड़ रुपये दिए गए। परंपरा के मुताबिक जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर इस निधि से विकास कार्य होते हैं लेकिन, आधा दर्जन से अधिक जिपं सदस्यों ने अधिकारियों पर इस निधि के बंटवारे में मनमानी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। इन सदस्यों ने बैठक का आज भी बहिष्कार किया।
वीरेंद्र सिंह, हेमंत सेठ, कल्पना आदि का आरोप है कि परंपरा के उलट विधायक एवं सांसदों के बीच करीब 10 करोड़ रुपये बांट दिए गए जबकि उनके पास सांसद-विधायक निधि होती है। पंचायती राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह का निर्वाचन क्षेत्र न होने के बावजूद उनके नाम पर 43.50 लाख एवं विधान परिषद याचिका समिति के कोटे से 55 लाख का काम कराया जा रहा। विरोध कर रहे सदस्यों ने इस पर एतराज जताते हुए जिपं सदस्यों में कार्य बांटने की मांग की। उनका कहना है कि झांसी सांसद के नाम करीब 1.40 करोड़, सांसद भानु प्रताप वर्मा को 34 लाख, विधायक बिहारी लाल को करीब 90 लाख, विधायक राजीव सिंह को 1.60 करोड़, विधायक जवाहर लाल राजपूत को 1.32 करोड़ रुपये के कार्य दिए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिमा यादव को करीब तीन करोड़ के कार्य दिए गए जबकि सदस्यों में 80 लाख के कार्य दिए गए। सदस्य वीरेंद्र सिंह के मुताबिक सपा एमएलसी रमा निरंजन के नाम कोई पैसा एलॉट नहीं हुआ। सदस्यों का कहना है इस मनमानी की वजह से उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया हुआ है। बता दें, पिछली बैठक में भी इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था।