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हादसे रोकने को रेलवे ने एक महीने में जांचे ट्रेनों के 32 हजार पहिये

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रेलवे ने हादसों पर रोक लगाने के लिए ट्रैक पर हॉट एक्सेल और हॉट व्हील डिटेक्शन लगाए
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झांसी। ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे कड़ी मशक्कत कर रहा है। ट्रेनों के पहियों के गर्म होने और ब्रेक चिपकने से होने वाले हादसे रोकने के लिए सीपरी बाजार ओवरब्रिज के पास हॉट एक्सल और हॉट व्हील डिटेक्शन डिवाइस लगाई गई है। इसकी मदद से झांसी मंडल ने एक महीने में 742 ट्रेनों के 32 हजार पहियों की जांच की। इसमें 11 बार कंट्रोल रूम को ट्रेनों में गड़बड़ी के मामले पकड़ में आए। इस डिवाइस का प्रयोग रेलवे के लिए राहतभरा साबित हो रहा है।
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रेलवे ने हाल ही में झांसी-दिल्ली रेल मार्ग पर सीपरी बाजार ओवरब्रिज के पास हॉट एक्सेल और हॉट व्हील डिटेक्शन डिवाइस लगाई है। डिवाइस की खासियत है कि यह ट्रैक से गुजरने वाले पहियों की जांच करती है। अगर ट्रेन के पहिये गर्म हो जाते हैं, चिंगारी निकलती है और ब्रेक चिपकते हैं, तो उसकी सूचना सीधे कंट्रोल रूम को मिल जाती है। अब तक रेलवे के पास ट्रेन के पहियों की हालात की जांच की कोई विशेष व्यवस्था नहीं थीं। कई बार चिंगारी निकलने पर ड्राइवर गाड़ी को रोककर कंट्रोल रूम को सूचना देते थे। रेलवे ने बीते महीनों में इस प्रयोग को शुरू किया। इसका असर यह हुआ कि अक्तूबर माह में झांसी मंडल से गुजरीं 742 ट्रेनों के 32 हजार पहियों की जांच की गई। जिसमें 11 बार कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंची। इसमें एक मामला पहियों के गर्म होने का था, तो 10 मामले ब्रेक चिपकने के सामने आए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हादसों को रोकने में नई तकनीक कारगर साबित हो रही है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हॉट एक्सल और हॉट व्हील डिटेक्शन डिवाइस ट्रेन हादसों को रोकने के लिए लगाई गई। जिसके जरिए काफी हद तक सफलता मिली है।
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