महिला अस्पताल में मंडराते दलाल
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में दलाल बेरोकटोक मंडराते रहते है। वह अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ निजी अस्पतालों में बेहतर सुविधा इलाज दिए जाने की बात कहकर उन्हें वहां से ले जाते है, जहां उनका कमीशन बंधा रहता है। तीन पहले भी एक दलाल भर्ती गर्भवती महिला व उनके तीमारदारों को निजी अस्पताल में ले गया था, जहां उनके साथ मारपीट भी हुई थी।
शासन संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार सरकारी चिकित्सालय में प्रसव कराने पर 6400 रुपये देता है। जबकि, यदि किसी नर्सिंग होम कोई प्रसव कराया जाता है और उसका फार्म भरा जाता है तो पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 24 से अधिक महिलाओं के प्रसव होते हैं। अस्पताल के ओपीडी में पांच सौ से अधिक महिलाएं रोज उपचार के लिए आतीं है। लेकिन, इसके बाद भी अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं है।
बृहस्पतिवार को सिविल लाइन स्थित एक क्लीनिक पर प्रसव करने को लेकर हुए विवाद में पीड़ित महिला ने बताया कि वह जिला महिला अस्पताल में बहू का प्रसव कराने के लिए आई थी, जहां पर एक व्यक्ति ने बेहतर व सस्ते इलाज का लालच देकर उसे क्लीनिक पर ले गया था। बड़ा सवाल यह है कि यदि मरीज महिला अस्पताल में भर्ती था तो उसे बिना प्रसव कराए ही कौन ले गया और किसने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। यदि मरीज बिना बताए गायब हो गया तो इसकी भी जांच होनी चाहिए कि अस्पताल स्टाफ क्या कर रहा था।
अस्पताल में दलालों का राज हावी है। परिसर के अंदर कई दलाल घूमते रहते हैं, जिनका शहर के अन्य अस्पतालों से कमीशन फिक्स रहता है। आलम यह है कि दलाल स्टाफ के इर्दगिर्द मंडराते रहते हैं। वह मरीजों के साथ आए तीमारदारों को बेहतर उपचार का झांसा देते हैं। कम पैसों में प्रसव व अन्य उपचार कराने का लालच देते हैं और भर्ती मरीजों को निजी क्लीनिक व नर्सिंग होम में ले जाते हैं।
दलालों का जाल इतना फैला है कि विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। दलाल जांच के नाम पर पैसे ले लेते हैं। कुछ समय बाद जांच आने पर अधिक पैसे ऐंठने के चक्कर मरीज की हालत काफी गंभीर बता देते हैं। जिससे साथ में आए तीमारदार घबरा जाते हैं और इसी का फायदा उठाकर नर्सिंग होम के कर्मचारी तीमारदारों से सामान्य प्रसव को आपरेशन से प्रसव बताकर मोटी रकम ले लेते हैं। इतना ही नहीं कई बार तो नर्सिंग होम में सामान्य प्रसव को भी ऑपरेशन द्वारा कर दिया जाता है, जिससे अधिक पैसे लिए जा सके हैं।
चल रहा बड़ा गोरखधंधा
यदि दलालों के खेल की जांच कराई जाए तो पता चलेगा कि महिला अस्पताल में बहुत बड़ा गोरखधंधा चल रहा है। यहां वर्षों से जमे चिकित्सक अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जाहिर है कि उन्हें सभी घर- घाट मालूम होंगे। यदि जांच की सुई घुमाई जाए तो कई राज उजागर हो जाएंगे।
अब तक नहीं की गई कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैबों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। लेकिन, यह टीम न तो जांच कर रही है और न कोई कार्रवाई कर रही है। कई वर्षों से जिले में संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे टीम पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
दलालों की जांच कराई जाएगी
जिला महिला अस्पताल में दलाल घूमने का मामला सामने आया है। जिसके लिए सीएमएस को निर्देशित किया जाएगा और अस्पताल में अधिकांश समय पर घूमने वालों की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी