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टैक्स: आधार लिंक होने पर ही भरा जा सकेगा रिटर्न,,,,-City

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आधार लिंक होने पर ही जमा होगा आयकर रिटर्न
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- आयकर रिफंड के मामले में मैन्यूअली जमा नहीं होगा
- करदाताओं को 31 जुलाई तक भरना है रिटर्न
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आयकर रिटर्न जमा करने की तिथि नजदीक आ रही है। कर दाताओं को 31 जुलाई तक रिटर्न भरना है। रिटर्न तभी दाखिल होगा, जब करदाता अपना आधार नंबर लिंक कर देंगे। रिटर्न में करदाताओं को अपने सभी चालू बैंक खातों, आधार नंबर, पासपोर्ट नंबर आदि की जानकारी देनी हैं। साथ ही रिफंड पाने वालों के रिटर्न मैनुअली स्वीकार नहीं हो रहे हैं।
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। करदाताओं को ऑनलाइन रिटर्न फार्म भरने में आधार नंबर का लिंक होना आवश्यक है। पेन के साथ आधार लिंक होने पर ही रिटर्न स्वीकार होगा। साथ ही पूर्व की तरह करदाता को अपने सभी चालू खातों का एकाउंट नंबर आईएफएस कोड के साथ भरना होगा। अगर कर दाता अपने चालू खातों के बारे में जानकारी छुपाता है तो पता लगने पर विभाग धारा 154 के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब कर सकता है। पासपोर्ट बना है तो उसका नंबर भी भरना है। आईटीआर टू ए फार्म को उन करदाताओं को भरना है जिनके पास वेतन (सैलरी) के अलावा दो घर या इससे अधिक हैं। एक घर के अलावा अन्य घरों से आय अर्जित हो रही हो या ब्याज से आय प्राप्त हो रही हो। ऐसे कर दाताओं को यह फार्म भरना होगा।
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31 के बाद जमा करना होगा जुर्माना
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड दो साल पुराना रिटर्न भरने की सुविधा को एक अप्रैल 2018 से खत्म कर दिया है। वित्तीय साल का रिटर्न भी 31 जुलाई तक जमा करना होगा। इसके बाद रिटर्न जमा करने पर पांच लाख रुपये तक के रिटर्न पर एक हजार रुपये और इससे अधिक की राशि पर पांच हजार रुपये जुर्माना जमा करना होगा। जुर्माना जमा करने के बाद ही कंप्यूटर रिटर्न स्वीकार करेगा।

सबको भरना चाहिए रिटर्न
आयकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय खन्ना का कहना है कि वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। रिटर्न ही व्यक्ति की पहचान बन गई है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

समय से रिटर्न भरने का फायदा
अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न (गलती को संशोधन कराके) दाखिल कर सकते है। वैसे अंतिम तिथि के बाद 30 मार्च तक रिटर्न भरा जा सकता है, मगर रिवाइज्ड रिटर्न का फायदा नहीं मिलता। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। ऑडिट कंपनियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता है।
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चार लाख में 72 हजार भरते हैं रिटर्न
झांसी और ललितपुर परिक्षेत्र में चार लाख लोग पैन कार्ड इश्यू कराएं हैं, जबकि इनमें 72 हजार ही रिटर्न दाखिल करते हैं। पेन कार्ड धारकों को आयकर रिटर्न दाखिल करना चाह्रिए।
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