‘तीसरी नजर’ का होगा परीक्षा पर असर
कैमरे की निगरानी में पढ़ाई कराने वाले स्कूलों में होगी परीक्षा
जुलाई, अगस्त व सितंबर के फुटेज भेजे जाएंगे शासन के पास
वीडियो देखने के बाद अफसर पहले देंगे अंक, फिर तय करेंगे परीक्षा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। परीक्षा के दौरा सीसीटीवी लगवाने में लापरवाही बरतने वाले या खराब कैमरे लगवाने वाले कॉलेजों के खिलाफ शासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब वही स्कूल-कॉलेज यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र बन पाएंगे, जहां सीसीटीवी की निगरानी में पढ़ाई होती है। इसके लिए जुलाई, अगस्त और सितंबर में पढ़ाई के फुटेज शासन के पास भेजे जाएंगे, जिसे देखकर अफसर पहले कॉलेजों की मार्किंग करेंगे, फिर उसे केंद्र बनाने या न बनाने का फैसला लेेंगे।
विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई तक होनी है। इसके बाद बोर्ड स्तर पर परीक्षा की तैयारियां भी शुरू हो जाएगी। इसमें पारदर्शिता आए और कालेजों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़े, इसके लिए बोर्ड अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने में जुट गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने कई निर्देश दिए है। इनमें प्रमुख था कि बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की वार्षिक परीक्षा में वह कालेज परीक्षा केंद्र बनेंगे, जिनमें पढ़ाई कै मरा की निगाह में हो रही हो। सभी कालेजों की तीन माह की वीडियो फुटेज देखने के बाद उन्हें वरीयता के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे। उनके अनुसार इससे पहले छात्र संख्या, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल, सीसीटीवी कैमरा तथा अन्य व्यवस्थाओं के आधार पर परीक्षा केंद्र निर्धारित होते थे।
पिछले वर्ष थे 64 परीक्षा केंद्र
झांसी में शैक्षिक सत्र 2017-18 में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें 52 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी। जबकि शैक्षिक सत्र 2017-18 में 50 हजार परीक्षार्थियों ने 78 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी थी। इस बार संभावना है कि परीक्षा केंद्र और घटेंगे।