श्रेणी- सिविक एमीनिटीज
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न लक्ष्मी ताल की नाप हुई, न हटे अवैध होर्डिंग
- थाना समाधान दिवस में व्यस्त रहे लेखपाल और कानूनगो
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
ऐतिहासिक लक्ष्मी ताल की जमीन पर अवैध कब्जे चिह्नित करने के लिए शनिवार को नाप होनी थी, लेकिन थाना समाधान दिवस होने के कारण लेखपाल और कानूनगो नहीं मिले। अब सोमवार को नापजोख होगी।
पर्यटन विकास योजना से लक्ष्मीताल का विकास कराने के लिए बीस करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने 90 दिन में काम शुरू करने के निर्देश दिए थे, तो मंडलायुक्त कुमुद लता श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया था। यहां कई लोगोें ने तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे होने की शिकायत की थी। इस पर मंडलायुक्त ने एसडीएम सदर अनुनय झा को जमीन की नापजोख कर अवैध कब्जे चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। नाप के लिए शनिवार का दिन तय हुआ था। नगर निगम की टीम नाप कराने पहुंच गई, लेकिन थाना समाधान दिवस होने के कारण न तो लेखपाल और न ही कानूनगो मिल सके, इस कारण टीम इंतजार करती रही और लौटकर वापस आ गई। संपत्ति अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि अब सोमवार को तालाब की नाप की जाएगी।
उधर, शनिवार का नगर निगम का अवैध होर्डिंग हटाने का अभियान भी नहीं चला। इसकी वजह लक्ष्मी ताल की नाप बताई गई है। अभियान के दौरान सीपरी बाजार में अंदर की सड़कों पर लगे अवैध होर्डिंग हटाए जाने थे, लेकिन लक्ष्मी ताल की नाप के कारण कार्यक्रम टाल दिया गया था। बाद में लक्ष्मी ताल की नाप भी नहीं हुई। इससे अवैध होर्डिंग हटाने का अभियान भी नहीं चल सका। अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने बताया कि लक्ष्मी ताल की वजह से अवैध होर्डिंग नहीं हट सकीं।