झांसी। जिले में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो गई है। बृहस्पतिवार को 299 संक्रमित सामने आए हैं। इसमें आठ पुलिस कर्मचारी व उनके परिजन शामिल हैं। इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालय के सात और छात्र भी कोविड की चपेट में आए गए हैं। अब तक 11 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।
बृहस्पतिवार को 3777 नमूनों की जांच की गई। इसमें आरटीपीसीआर मशीन से 2209, एंटीजन किट से 1558 और ट्रू नेट से 10 नमूने जांचे गए। जांच के दौरान इस सीजन में अब तक के रिकॉर्ड 299 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सबसे ज्यादा कैंट से 18 रोगी सामने आए हैं। जबकि, छह मिलिट्री अस्पताल में संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा खातीबाबा, राजगढ़, सीपरी बाजार, नंदनपुरा, आवास विकास शहर क्षेत्र आदि इलाकों से संक्रमित सामने आए हैं। अब झांसी में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 989 हो गई है। हालांकि, राहत की बात ये है कि 923 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 55 मरीज दूसरे राज्य अथवा जिलों में हैं। रिकवरी रेट घटकर 95.60 फीसदी हो गया है। दो मरीजों को ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉक्टर साहब! मैं कोरोना पॉजिटिव हूं, क्या करूं
झांसी। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद कंट्रोल रूम से मरीज को फोन करके रिपोर्ट की जानकारी दी जाती है। ऐसे में संक्रमित सुनते ही कई मरीज सीधे अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। ऐसे ही तीन मरीज बृहस्पतिवार को सीधे जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचकर लाइन में खड़े हो गए। जब उनका दिखाने का नंबर आया तो डॉ. डीएस गुप्ता ने समस्या पूछी। तो बोलने लगे कि कोरोना पॉजिटिव हूं। कंट्रोल रूम से फोन आया था। अब बताइये क्या करना है। जबकि, उनमें कोई भी लक्षण नहीं थे। इस पर डॉक्टर ने कहा कि दिक्कत न होने पर होम क्वारंटीन में रहना चाहिए। ऐसे घूमने से तो दूसरों को संक्रमित कर दोगे। फिर वो वापस लौट गए।