अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम के बिजौली स्थित 320 टीडीपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पिछले पांच महीने में 28 हजार टन कचरा निस्तारित किया जा चुका है। ऐसे में नगर में कोई नई डंप साइट भी विकसित नहीं हुई है। निगम प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में यह पहला प्लांट है, जो स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्थापित किया गया है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का काम जुलाई 2024 में शुरू किया गया है। बारिश होने के कारण प्लांट से कचरे से निकलने वाला गंदा पानी बहकर सड़क पर आ जाता था। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि इस समस्या के निस्तारण के लिए सड़क और नाला निर्माण तो करवाया ही। साथ ही 15 केएलडी (किलो लीटर प्रति दिन) क्षमता का लीचेज ट्रीटमेंट प्लांट की भी स्थापना की गई। दुर्गंध न हो, इसके लिए फॉग मशीन की भी स्थापना की गई है। मौजूदा समय में प्लांट फरवरी 2025 से कार्य कर रहा है। तब से अब तक 28 हजार टन कचरे का निस्तारण कर डंप साइट पर जाने से रोका गया है। प्लांट में पहुंचने वाले गीले कचरे से खाद्य भी बनाई जा रही है। वहीं, सूखे कचरे का सीमेंट फैक्टरी में निस्तारण किया जा रहा है। ऐसे में नगर निगम सीमा अंतर्गत उत्पन्न होने वाले कचरे को पूर्ण रूप से निस्तारण करने से झांसी में कोई नई डंप साइट विकसित नहीं हो रही है। साथ ही कूड़े से निकलने वाली हानिकारक गैसें भी वातावरण में नहीं फैल रही हैं।
ये भी जानें
.............
- रोजाना प्लांट में करीब 200 मीट्रिक टन कचरा पहुंचता है
- प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 320 मीट्रिक टन कचरा निस्तारण की है
- 28000 टन कचरे में से 10000 टन सीमेंट फैक्टरी में भेजा जा चुका
- अब तक 15000 टन कचरे से खाद्य बनाई जा चुकी है