गुलामाने हुसैन जमीयतुल कुरैश समाज संस्था के तत्वावधान में सोमवार को 13वें सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 264 जोड़ों ने निकाह कुबूल कर खुशी-खुशी नव दांपत्य जीवन में प्रवेश किया।
किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड में आयोजित सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोगों ने शिरकत की। ग्राउंड में सजे विशाल पंडाल में वर और वधु पक्षों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। पचास काजियों ने विवाह की रस्में पूरी कराईं। निकाह की रस्म पूरी होने के बाद आयोजक कलाम कुरैशी ने कुरैश समाज पर प्रकाश डाला और सभी से सामाजिक कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, विधायक बबीना राजीव सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास रहे।
इस मौके पर आयोजन कमेटी के शकील अहमद कुरैशी, चौधरी नफीस कुरैशी, हाजी अस्फाक कुरैशी, नूरा कुरैशी, हाजी सहजाद कुरैशी, तौफीक कुरैशी, अकील कुरैशी समेत समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गोपनीय सहयोग किया
इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने में समाज के लोगों ने बढ़चढ़ कर सहयोग किया। लेकिन, सभी ने अपना यह सहयोग गोपनीय रखा। समाज के लोगों का कहना था कि किसी गरीब लड़की की शादी करना हज के सवाब के बराबर है। इसे गोपनीय रखना ही बेहतर है।
यह उपहार किए भेंट
आयोजन कमेटी की ओर से सभी नव विवाहित जोड़ों को फ्रिज, गैस चूल्हा मय सिलेंडर, बर्तन, कूलर, पलंग, वधु के लिए पांच सूट, नाक की लोंग, कुर्सी, टेबल, गद्दे, तकिये, डिनर सेट सहित अन्य गृहस्थी की चीजें भेंट कीं।
तीन तलाक न करने की शपथ
सम्मेलन के दौरान सभी जोड़ों को अपनी आने वाली पीढ़ी को बेहतर तालीम देने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें करीना ए जिंदगी (जीने का तरीका) नामक पुस्तक प्रदान की गई। इसके अलावा तीन तलाक न करने, स्वच्छता को अपनाने और शरीयत के कानून पर अमल करने की शपथ दिलाई गई।
दिव्यांगों ने थामा एकदूजे का हाथ
सामूहिक विवाह सम्मेलन में पांच दिव्यांग जोड़ों ने भी एकदूजे का हाथ थामकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। इसके अलावा समाज के जरूरतमंद तबके के अलावा संपन्न वर्ग के लोगों ने भी सादगी के साथ अपने बच्चों का निकाह सम्मेलन में कराकर नजीर पेश की।
बच्चों को देंगे अच्छी तालीम
निकाह के दौरान अच्छी तालीम के लिये प्रेरित किया गया। इससे सीख मिली है। मैं अपनी आने वाली पीढ़ी को अच्छी तालीम देने के साथ ही छोटा परिवार सुखी परिवार पर अमल करूंगी।
- नगमा बेगम, बाहर ओरछा गेट
जीवन भर निभाऊंगा साथ
निकाह में जीवन भर साथ निभाने का वादा किया है, उसे कभी नहीं तोड़ेंगे। साथ ही शरीयत कानून और तीन तलाक से दूर रहूंगा। बच्चों को अच्छी तालीम देकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाएंगे।
- नफीश कुरैशी, अशोक नगर (मप्र)