झांसी। जिले में चल रहे अनुदानित मदरसों में तालीम देने के नाम पर खेल चल रहा है। सोमवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने एक मदरसे में छापा मारा। इस दौरान पांच शिक्षक समेत सात कर्मचारी नदारद मिले। जबकि मौके पर पांच बच्चे ही पढ़ाई करते नजर आए। अधिकारी ने सभी कर्मचारियों का वेतन काटा है। साथ ही प्रधानाचार्य का वेतन रोक दिया गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने सोमवार सुबह छनियापुरा स्थित मदरसा इस्लामिया ओरिएंटल ब्वाय कॉलेज में छापा मारा। इस दौरान मदरसे में महज पांच बच्चे मिले, जो तहतानिया (प्राइमरी) कक्षा में पढ़ रहे थे। अधिकारी ने रजिस्टर चेक किया तो करीब 250 बच्चों के नाम थे। जिनकी कई दिन से उपस्थिति दर्ज नहीं थी। इसके साथ ही अधिकारी ने शिक्षक-कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया, तो पांच शिक्षक, लिपिक और चपरासी नदारद थे। प्रधानाचार्य से जवाब तलब किया गया, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इस दौरान विभाग की टीम को कंप्यूटर लैब पर ताला लटका मिला। जबकि एमडीएम रजिस्टर में बच्चों को भोजन वितरण किए जाने की सूचना और स्टॉक रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं थी। साथ ही एमडीएम मेन्यू में मौसमी फल का वितरण नहीं किया गया। इसे लेकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने अनुपस्थित मिले आलिया के सहायक अध्यापक अनीश अलहद सिद्दीकी, अनवार खान, आबिद खान, तहतानिया के सहायक अध्यापक नौशाद खान, अनवार खान, लिपिक शमीम अहमद, परिचारक शफीक अहमद का एक दिन का वेतन काटा है। जबकि प्रधानाचार्य याकूब खान का वेतन रोक दिया गया है।
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रजिस्ट्रार और बीएसए को लिखा पत्र
मदरसे में मिली अनियमितता को लेकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के रजिस्ट्रार को कार्रवाई की संस्तुति के लिए पत्र लिखा है। साथ ही एमडीएम में संदिग्धतता मिलने पर बीएसए को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा है।
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पहले भी रोका जा चुका है वेतन
मदरसे का कुछ महीने पहले भी विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। इस दौरान कई अनियमितताएं मिली थीं। जिस पर प्रधानाचार्य का वेतन रोका गया था। लेकिन बाद में स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के बाद वेतन बहाल कर दिया गया था। कार्रवाई को लेकर मदरसा प्रबंधन में हड़कंप मचा है। जिले में पांच अनुदानित और 339 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं।
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छनियापुरा स्थित मदरसे को सरकार से अनुदान दिया जाता है। छापेमारी के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं। गायब शिक्षकों का वेतन काटा गया और प्रधानाचार्य का वेतन रोका गया है। संबंध में शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
अमित सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी झांसी