ayappa temple will decorate for flower
झांसी। मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को उत्साह व भक्ति भाव से मनाया जाएगा। श्रद्धालु स्थानीय सरोवरों, तालाबों में स्नान करेंगे और भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पण कर सुख शांति की कामना करेंगे। जगह - जगह खिचड़ी वितरित की जाएगी। त्योहार को लेकर सभी मंदिरों व समाजों में तैयारियां लगभग हो चुकी हैं। सीपरी पहाड़ी स्थित दक्षिण भारतीयों के स्वामी अयप्पा मंदिर को फूलों व दीपों से सजाया जाएगा। दक्षिण भारत के व्यंजन श्रद्धालु प्रसाद बतौर ग्रहण करेंगे।
दक्षिण भारत में स्वामी अयप्पा प्रमुख आराध्य है। इनका प्रमुख मंदिर केरल में है। धार्मिक मान्यता है कि इनकी पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। झांसी में सीपरी की पहाड़ी पर स्वामी अयप्पा की पूजा शुरू हुई और 1991 के दौर में मंदिर का निर्माण हुआ और विधि विधान से उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। इस मंदिर में दक्षिण भारतीय पद्धति से स्वामी अयप्पा की पूजा आज भी होती है। दक्षिण भारत के त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर दक्षिण भारत का पहनावा और संस्कार स्पष्ट नजर आता है। श्री अयप्पा पूजा समिति के पदाधिकारी केवी कृष्ण कुमार ने बताया कि 15 जनवरी को सुबह 5:45बजे से गनपति होम, 6:45 बजे पूजा, अभिषेक, दोपहर 12 बजे से अपराह्न पूजा, इसके बाद भंडारा होगा। शाम को पूजा और सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रम होंगे।