238 crore expence in extension of hawai pattt
झांसी। हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाने के लिए दो अरब अड़तीस करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। सिंचाई विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने अपना - अपना एस्टीमेट तैयार कर प्रशासन को सौंप दिया है। ये रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
केंद्र सरकार के ‘उड़ान’ प्रोजेक्ट के तहत झांसी में हवाई अड्डा स्थापित किया जाना है। यहां सेना की ग्वालियर मार्ग पर स्थित पुरानी हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाया जाना है। एक साल में यहां से हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। इस पर शासन का रुख भी गंभीर है। इसके चलते धरातल पर काम भी तेजी से जारी है। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए इससे सटी नहर और फोरलेन सड़क की जमीन ली जानी है। नहर और सड़क का डायवर्जन कर नया रूट बनाया जाएगा। इसमें आने वाले खर्च की रिपोर्ट सिंचाई विभाग व एनएचएआई से मांगी गई थी। दोनों विभागों ने अपने रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है, जिसके तहत नहर और फोरलेन की जमीन का अधिग्रहण करने और इन दोनों का डायवर्जन करने में दो अरब अड़तीस करोड़ तेरह लाख रुपये का खर्च बताया गया है।
ये बताया गया है खर्च
एस्टीमेट में बताया है कि रनवे के विस्तार के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर 15.44 करोड़ का खर्च आएगा। जबकि, नहर की जमीन के अधिग्रहण पर 27.183 करोड़ खर्च करने होंगे। नहर के डायवर्जन पर 9.920 करोड़ खर्च होंगे। हाईवे की जमीन के अधिग्रहण पर 78 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। हाईवे के रूट में बदलाव की लागत 73 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों विभागों ने ये रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जा रही है। शासन की हरी झंडी मिलते ही जमीन अधिग्रहण, नहर व सड़क रूट डायवर्जन का काम शुरू कर दिया जाएगा।
ये होना है काम
हवाई पट्टी के लगभग एक किलोमीटर रनवे को लंबा कर लगभग डेढ़ किमी का बनाया जाना है। साथ ही टर्मिनल भी बनाया जाएगा। हवाई पट्टी के पास से गुजरने वाले नहर को छह किलोमीटर तक शिफ्ट करना होगा। इतना नहीं नही, पास के नेशनल हाईवे - 75 को भी शिफ्ट करना होगा। आसपास के 42 आवास भी हटाने होंगे। इसके अलावा दुकानें, गोदाम भी इसकी जद में आएंगे। विद्युत लाइनों को भी शिफ्ट करना होगा।
झांसी में हवाई सेवा शुरू करना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इस दिशा में तेजी से काम जारी है। सिंचाई विभाग और एनएचएआई ने अपने एस्टीमेट सौंप दिए हैं। जल्द ही ये रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी