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हत्या में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास

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अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) राधे मोहन श्रीवास्तव की अदालत में शनिवार को अवैध संबंधों के चलते हत्या का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार पांडेय के अनुसार थाना प्रेमनगर के नैनागढ़ नगरा निवासी रवि कुमार रायकवार ने थाना प्रेमनगर में दो जून 2009 को तहरीर देते हुये बताया था कि उसके छोटे भाई राजकुमार के सिग्नलपुरा प्रेमगंज निवासी एक युवती से अवैध संबंध थे। इसी बात को लेकर रामकुमार व सतीश चंद्र में कई बार विवाद हो चुका था। दो दिन पूर्व रामकुमार प्रेमगंज गया था। जहां लड़ाई होने पर सतीश चंद्र ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। जिसकी जानकारी होने पर उसने भाई रामकुमार को डांटा भी था। वह एक जून 2009 की रात करीब साढ़े आठ बजे भाई रामकुमार के साथ दुकान बंद कर घर आ रहे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे सतीश चंद्र उर्फ गुड्डन व उसका दत्तक पुत्र सुरेंद्र ने रामकुमार को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया और एकांत में ले जाकर बात करते - करते साथ ले गए। देर रात तक मैंने रामकुमार के घर वापस न लौटने पर फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। रात में ही काफी तलाश के बाद भी रामकुमार का पता नहीं चला। सुबह रामकुमार का शव तुलसी नगर में एक खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सतीश चंद्र उर्फ गुड्डन व सुरेंद्र के विरूद्घ मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। विवेचना के बाद अभियुक्त शंकर अहिरवार पुत्र लालाराम निवासी तुलसीनगर नैनागढ़ की निशानदेही पर आला कत्ल, तमंचा, कारतूस खोखा सहित बरामद कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जहां सतीश चंद्र की पत्रावली पृथक कर दी गई। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 302 में आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 25 आर्म्स एक्ट में दो वर्ष की सजा, पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की 90 प्रतिशत धनराशि मृतक के पिता/विधिक प्रतिनिधि को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।
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