झांसी। लोकसभा चुनाव नजदीक आते देख कांग्रेस में टिकट पाने की रेस तेज हो गई है। अपने-अपने स्तर पर कई नेता टिकट की दावेदारी के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। टिकट के दावेदारों में चार प्रमुख नामों की चर्चा है। हालांकि, पार्टी मजबूत प्रत्याशी को लेकर नब्ज टटोलेगी। इसके अलावा जातीय गणित, पिछला रिकॉर्ड, जनाधार के आधार पर किसी पर दांव लगाएगी।
लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। मार्च में आचार संहिता लगने की संभावना जताई जा रही है। इसके मद्देनजर सभी पार्टियों के कद्दावर नेताओं की रैली की तिथि और शहर की सूची तैयार की जाने लगी है। इधर, हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली ‘संजीवनी’ ने पार्टी में जान फूंक दी है।
इस वजह से कांग्रेस के कई नेता टिकट पाने की होड़ में शुमार हो गए हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि टिकट की रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के बुंदेलखंड प्रभारी राहुल रिछारिया शामिल हैं। इसके अलावा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी समेत कुछ और नेता भी टिकट के दावेदार हैं। टिकट पाने के लिए दावेदारों ने दिल्ली से लेकर पार्टी के कद्दावर नेताओं तक से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
स्क्रीनिंग कमेटी को पीईसी भेजेगी नाम
प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को नई जिम्मेदारियां मिलने की वजह से कांग्रेस की प्रदेश चुनाव कमेटी (पीईसी) बनने में देरी हो गई है। जल्द ही इसका गठन होने की संभावना है। इसके बाद पीईसी सर्वे रिपोर्ट, ऑब्जर्वर, बड़े नेताओं, जिला कमेटी, सूत्रों आदि से मिली जानकारियों के आधार पर एक से तीन नाम का पैनल स्क्रीनिंग कमेटी को भेजेगी। अंत में कमेटी ही किसी के नाम पर मुहर लगाएगी।
मजबूत प्रत्याशी के लिए कराया सर्वे
झांसी। सपा-बसपा के गठबंधन में शामिल न होने की चर्चाओं के बीच ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने चुनाव में मजबूत प्रत्याशी की खोज के लिए निजी एजेंसी को सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा था। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नाम बताए गए हैं।
प्रदीप झांसी से दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। वहीं, सुधांशु पूर्व जिला अध्यक्ष के अलावा मध्य प्रदेश के सह प्रभारी हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में कांग्र्रेस की 15 साल बाद सरकार में वापसी हुई है। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि किसी भी प्राइवेट एजेंसी के सर्वे करने से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। न ही किसी नेता के नाम भेजने के बारे में उन्हें सूचना है।