जनपद के सभी उप केंद्रों पर महिला दिवस के अवसर पर किशोरी दिवस व पोषण पखवाड़े की शुरुआत हुई, जो 22 मार्च तक चलेगा। इस पखवाड़ा में किशोरियों को एनीमिया की जांच व पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि सभी का विवरण जन आंदोलन एप पर दर्ज होगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत कुपोषित किशोरियों को चिह्नित कर उनके ऊपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पखवाड़े में किशोरियों की ऊंचाई, वजन की माप आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा की गई तथा एएनएम ने किशोरियों की खून की जांच की। इस दौरान किशोरियों को उनके हीमोग्लोबिन के स्तर को बताने के साथ ही उसे उनके कार्ड में भी दर्ज किया गया।
खून की जांच रिपोर्ट के आधार पर किशोरियों को एनीमिया से बचने के लिए आयरन की गोलियों के सेवन और खान-पान संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूल न जाने वाली किशोरियों की जांच एएनएम द्वारा उप केंद्र पर सुबह तथा स्कूल जाने वाली किशोरियों की जांच छुट्टी के बाद के सत्र में हुई।
ये कार्यक्रम होंगे
- नौ मार्च को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण दिवस और कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का चयन
- 10 मार्च को पोषण से संबंधी जन जागरूकता बढ़ाने के लिए साइकिल रैली
- 11 मार्च को स्कूलों में सुपोषण गोष्ठी
- 12 मार्च को स्वयं सहायता समूहों की बैठक
- 13 मार्च को वीरांगना दल द्वारा प्रभातफेरी
- 14 मार्च को रेसिपी प्रदर्शन और प्रतियोगिता
- 15 मार्च को ममता दिवस
- 16 मार्च को किसानों द्वारा गांवों और शहर में पोषण हाट
- 17 मार्च को पोषण दौड़
- 18 मार्च को स्थानीय साग-सब्जी, फल से बनाए व्यंजनों की रेसिपी प्रतियोगिता
- 19 मार्च को वीरांगना दल व अन्य युवा समूहों की बैठक
- 20 मार्च को अन्नप्राशन दिवस
- 21 मार्च को पोषण रैली
- 22 मार्च को ग्राम पंचायत एवं मातृ समिति की बैठक का आयोजन किया जाएगा