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आधुनिक सीटी स्कैन मशीन मांगी
- सीएमएस ने शासन को लिखा पत्र
- एक दशक पुरानी है मौजूदा मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में आधुनिक सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने शासन को पत्र लिखा है। मौजूदा मशीन एक दशक पुरानी है। इस मशीन से सिर्फ एक स्लाइस (टुकड़े) में ही इमेज खींची जा सकती है। ऐसे में बारीक मर्ज को पहचानना कभी-कभी मुश्किल हो जाती है।
जिला अस्पताल में पैथोलॉजी बिल्डिंग में सीटी स्कैन कक्ष बना हुआ है। निजी केंद्रों की तुलना में मरीज जिला अस्पताल में जांच कराने को अधिक महत्व देते हैं, क्योंकि यहां सिर्फ 500 रुपये में सीटी स्कैन होता है। जबकि, प्राइवेट केंद्र जांच के डेढ़ से दो हजार रुपये वसूलते हैं। हालांकि, जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन एक दशक पुरानी हो चुकी है। अब इसकी सीएमसी (कंप्रिहेंसिव मैंटिनेंस केयर) भी कंपनी नहीं करती है। इसलिए जब भी मशीन खराब होती है, तो इसको सुधरवाने में कई दिन लग जाते हैं। यह मशीन सिर्फ एक स्लाइस (टुकड़े) की इमेज ही खींचती है। जबकि, अब आधुनिक 64 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन कई सरकारी अस्पताल में आ चुकी है। 64 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन की खासियत है कि ये शरीर के किसी भी हिस्से को 64 स्लाइस यानी टुकड़ों में काटकर उसकी इमेज जारी करती है। 64 स्लाइस में तस्वीर बिल्कुल स्पष्ट आती है। इससे मर्ज को जानने में आसानी होती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने आधुनिक 64 स्लाइस वाली सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र लिखा है। उन्होंने जल्द मशीन मिलने की संभावना जताई है।