झांसी। कोरोना संक्रमण का साया एक बार फिर से शादियों पर मंडराने लगा है। संक्रमण बढ़ने के चलते प्रदेश सरकार की ओर से 100 मेहमानों को कार्यक्रम में बुलाने के निर्देशों ने विवाह समारोहों के आयोजकों की परेशानी बढ़ा दी है। जिलेभर में 25 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से शादियों का सीजन शुरू होने जा रहा है। जिन घरों में विवाह समारोह होना है, उसके कार्ड तक बंट चुके हैं। अब आयोजकों के आगे मुसीबत है कि अब किसको बुलाएं और किसे समारोह में आने के लिए मना किया जाए। कई लोग बाहरी जिलों से आने वाले रिश्तेदारों को मना कर रहे हैं, तो कई आयोजक अपने परिचितों से क्षमा मांग रहे हैं। वहीं आयोजकों ने 200 लोगों के हिसाब से तमाम व्यवस्थाओं की तैयारी पूरी कर ली थी, जिसमें अब कटौती की जा रही है। इसके चलते विवाहघर संचालक, कैटरर्स और बैंड संचालक परेशान हैं।
केस एक
महानगर के खुशीपुरा निवासी भूपेंद्र विश्वनाथ के छोटे भाई की शादी 30 नबंवर को होनी है। उन्होंने समारोह में 200 मेहमानों को आने के लिए निमंत्रण पत्र भी वितरित कर दिए हैं। अब सरकार का 100 मेहमानों का आदेश आने के बाद भूपेंद्र खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार को यह करना था, तो पहले ही कर दिया जाता। अब किससे आने के लिए मना करेंगे। यह बहुत अव्यवहारिक है।
केस दो
खातीबाबा निवासी राहुल राय के बड़े भाई की शादी 25 नबंवर को है। इसके लिए उन्होंने सारे इंतजाम कर लिए हैं। विवाहघर और कैटर्स की बुकिंग कर पूरा पैसा जमा कर दिया है। अब 100 लोगों की अनुमति हो गई है, तो बहुत दिक्कत हो गई है। मेहमान घर पर आ चुके हैं। कुछ इंतजामों में कटौती कराई है, लेकिन पैसा वापस मिलने की उम्मीद नहीं है।
केस तीन
गुमनावारा निवासी विकास गोस्वामी के भाई की शादी भी 30 नवंबर को होनी है। उन्होंने भी शादी को लेकर तमाम व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। अब 100 मेहमानों के आगमन को लेकर बहुत असमंजस की स्थिति बन गई है। उनका कहना है कि मेहमानों की संख्या में कटौती सरकार को कई दिन पहले कर देनी चाहिए थी। अब दिक्कत हो रही है।
केस चार
साहनी बिहार निवासी कमल बागवार के बेटे कुनाल बागवार की शादी छह दिसंबर को है। बरात को लेकर तैयारियां कर ली हैं। 200 मेहमानों को निमंत्रण दे दिया है, लेकिन अब किसे मना किया जाए। मेहमानों के लिए होटल की बुकिंग कर ली है। अब समझ नहीं आ रहा कि किससे कहें कि एक लोग ही शादी में आए।
पहले कार्यक्रम निरस्त किया, तो अब फिर मुश्किल
जिले भर में होने वाले तमाम वैवाहिक आयोजनों अप्रैल में होने थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया गया। अब लोगों ने सहालग सीजन में शादियों की तैयारियां शुरू कीं, तो मेहमानों को बुलाने की बंदिश के चलते कई लोग आयोजन को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
जिले भर में होनी हैं 500 शादियां
जिले में 25 नबंवर को देवोत्थान एकादशी से बड़ा सहालग शुरू होने जा रहा है। 13 दिसंबर तक चलने वाले सीजन के दौरान जिलेभर में करीब 500 से अधिक शादियां होनी हैं। जिलेभर के एसडीएम कार्यालय पर अनुमति के लिए बड़ी संख्या में आवेदन पहुंच गए हैं। थाना स्तर से रिपोर्ट लगने के बाद अनुमति दी जा रही है। लोग अनुमति के लिए भी परेशान हैं।
वेडिंग इंडस्ट्री को हो सकता है बड़ा नुकसान
बुंदेलखंड विवाहघर एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष विवेक दत्त स्वामी का कहना है कि सरकार के निर्देशों के चलते वेडिंग इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हो सकता है। बुकिंग कराने वालों के सुबह से फोन आ रहे हैं। विवाहघरों से तमाम व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों को एडवांस बांट दिया गया है। सरकार को यह करना था, तो कुछ दिन पहले निर्देश जारी किया जाता। पहले ही विवाहघर संचालक एडवांस वापस कर चुके हैं। शादियों में कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन कराया जाएगा।
सोशल मीडिया पर संदेशों की भरमार
शादियों में मेहमानों की बंदिशों को लेकर सोशल मीडिया पर संदेशों की भरमार हैं। तमाम तरह के हास्य और व्यंग्यात्मक संदेश खूब वायरल हो रहे हैं। इसके साथ ही बिहार चुनाव के दौरान कोरोना न फैलने और शादियों में बंदिशों को लेकर लोग तमाम तरह के कमेंट्स कर रहे हैं।