अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किशोरी से दुष्कर्म के बाद गर्भपात करा देने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसे बीस साल की सश्रम कारावास समेत तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 30 मई 2020 को थाना ककरबई स्थित एक गांव निवासी व्यक्ति ने अपनी नाबलिग पुत्री से दुष्कर्म करने के मामले में सिया गांव निवासी आसीम पुत्र वसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता के गर्भवती होने पर डरा धमकाकर उसका गर्भपात भी करा दिया। इसका पता चलने पर पीड़िता को लेकर वह ककरबई थाने पहुंचा। उसकी तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो समेत 376 एवं आईपीसी की धारा 313 के तहत मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। विवेचना के बाद विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं दलीलों को कोर्ट ने विश्वसनीय मनाते हुए अभियुक्त आसीम को दोषी करार दिया। उसे 20 साल की सश्रम कारावास समेत 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस मामले में कोर्ट मुहर्रिर संतोष कुमार, अर्चना एवं ककरबई थाने की पैरोकार महिला कांस्टेबल जीतू की खास भूमिका रही।