झांसी। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर सरकारी इकाइयां में स्वास्थ्य सेवाएं युद्ध स्तर पर मजबूत की जाने लगी हैं। अब जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 बेड ऑक्सीजन और 20 बेड हाई डेफिसेंसी यूनिट (एचडीयू) के तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी दस-दस ऑक्सीजन युक्त बेड का इंतजाम होगा। मंडलायुक्त ने इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं।
कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने के संबंध में मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय ने निर्देश दिए हैं कि जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर बने चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को परखा जाएं। चार ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दस-दस ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था कराएं। शून्य से 18 वर्ष तक के मरीजों को आरक्षित बेड के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक की व्यवस्था कर लें। मंडलायुक्त ने कहा कि जिला अस्पताल में भी बच्चों के लिए 20 ऑक्सीजन युक्त बेड और 20 हाई डेफिसेंसी यूनिट (एचडीयू) बेड तैयार किए जाएं। कोविड मरीजों के इलाज की सुविधाओं को वृहद रूप दिया जाएं। विश्व के कई देशों में भी कोविड-19 की तीसरी लहर संभावित है। इसके मद्देनजर प्रदेश में भी कोविड की तीसरी लहर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कमिश्नर ने कहा कि पीडियाट्रिक वेंटिलेटर, अन्य आवश्यक औषधियां, लॉजिस्टिक की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। ब्लॉक और जनपद स्तर पर उपलब्ध बाल रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, चेस्ट फिजीशियन आदि को चिह्नित कर लें। सीएमओ को निर्देश दिए कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य विभाग के पास जो भी उपकरण उपलब्ध हैं, उसकी कार्य करने की जांच कर उन्हें रिपोर्ट दें। साथ ही जिलाधिकारियों को भी इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।