मूल्यांकन में है संदेह, तो ले सकते कॉपियों की छायाप्रति
झांसी। अगर मूल्यांकन में संदेह है, तो परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका की फोटो कापी ले सकते हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति लेने के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है। परीक्षार्थी को प्रति विषय हाईस्कूल में 500 रुपये और इंटरमीडिएट में 700 रुपये देने होंगे।
10वीं व 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम सीबीएसई मई में घोषित कर सकता है। ऐसे में बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वह रिजल्ट घोषित होने से पहले इस व्यवस्था के बारे में अभिभावकों और विद्यार्थियों को जानकारी दे। परिणाम घोषित होने के 17 दिन बाद सीबीएसई की वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति का लिंक खुलेगा। इसमें अगले दिन के शाम पांच बजे तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन का लिंक परिणाम घोषित होने के 21वें दिन खुलेगा। लिंक खुलने के अगले दिन शाम पांच बजे तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। गौरतलब है कि सीबीएसई की सालाना परीक्षाएं बीते चार अप्रैल को समाप्त हुई हैं। जिले के सात परीक्षा केंद्रों में 10वीं और 12वीं कक्षा के 5248 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इधर, सिटी कोआर्डिनेटर प्रीति खत्री ने बताया कि कक्षा 12 में उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति के लिए एक विषय के 700 रुपये और कक्षा दस में यह 500 रुपये निर्धारित है।
टॉपरों की कॉपियों से होगी पढ़ाई
सीबीएसई ही नहीं बल्कि आईसीएसई और आईएससी बोर्ड में नई पद्धति लागू की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को टॉप करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इसलिए सुविधाएं की जा रहीं हैं कि स्कूल के टॉपरों की उत्तर पुस्तिकाओं को अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। 2019 का रिजल्ट जारी होने के बाद कॉपियां उपलब्ध कराईं जाएंगी। टॉपरों की कॉपी से नौवीं और ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं के साथ 2020 में बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को भी पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा 2019 सत्र से नौवीं और 11वीं में क्वेश्चन बैंक से पढ़ाई होगी। बोर्ड ने सभी स्कूलों को कम से कम पांच साल के क्वेश्चन बैंक का अभ्यास कराने को कहा है।
बता दें कि अभी तक बोर्ड टॉपरों की उत्तर पुस्तिकाओं केवल मांगने पर ही दी जाती थी। अगर किसी छात्र को टॉपर की कॉपी देखनी होती थी तो बोर्ड के पास पहले आवेदन करना होता था। यह सूचना अधिकार के तहत देनी होती थी। आवेदन के बाद टॉपर की उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन, अब बोर्ड खुद इस व्यवस्था को सार्वजनिक कर रहा है। ताकि भविष्य में छात्र परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।
बोर्ड परीक्षा में मिलेगी मदद
इस साल हुई सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में पिछले तीन-चार साल में कई प्रश्न ऐसे आए थे जिन्हें पहले भी बोर्ड में शामिल किया जा चुका है। जिन परीक्षार्थियों ने क्वेश्चन बैंक के सहारे तैयारी की थी। उन्हें इसका लाभ भी मिला। इसलिए इस व्यवस्था को स्कूल स्तर पर लागू करने का फैसला लिया गया है।