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होटल की तर्ज पर बनेगा रिटायरिंग रूम
- आईआरसीटीसी को सौंपने के लिए रेलवे बोर्ड ने भेजा आदेश
- साल के अंत तक काम की होगी शुरुआत, मिलेगी हर सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रेलवे स्टेशन पर बने डॉरमेट्री और रिटायरिंग रूम को अब शानदार होटल के कमरे के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वे सारी सुविधाएं होंगी जो एक होटल में मिलती हैं। साथ ही, यात्री इसकी ऑनलाइन बुकिंग भी करवा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने जल्द रेलवे स्टेशन के रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को सौंपने के आदेश दिए हैं। साल के अंत तक इनको विकसित करने की शुरूआत हो जाएगी।
रेलवे स्टेशन का रिटायरिंग रूम अत्याधुनिक होटल के तर्ज पर विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बस थोड़ा सा इंतजार करें और कुछ महीनों बाद यात्रियों को रेलवे के रिटायरिंग रूम में पुराने फटे चादर, गंदा तकिया और बदबूदार कंबल से पाला नहीं पड़ेगा। रेलवे स्टेशन में उपलब्ध संसाधनों का यात्रियों के लिए बेहतर उपयोग करने की दृष्टि से रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री आईआरसीटीसी को सौंपे जाएंगे। रेलवे वहां से फर्नीचर, क्रॉकरी से लेकर अन्य सभी सामान हटा लेगा। आईआरसीटीसी वहां अपने हिसाब से सुविधा उपलब्ध कराएगी।
सुविधाओं से लैस कमरे होंगे, जिसमें एसी लगे होंगे, ब्रांडेड गद्दे और बेडशीट, लॉक के साथ आलमारी, एलईडी, बाथरूम में गीजर, शावर से लेकर अन्य लग्जरी सुविधाएं, वाईफाई, इंटरनेट, रूम हीटर, इंटर कॉम से लेकर आईएसडी, रूम में खाना से लेकर कॉल बॉय की सुविधा मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने पत्र भेजकर जल्द आईआरसीटीसी को सौंपने के आदेश दिए हैं। मंडल ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
पुराने, जर्जर हो चुके हैं
वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर बना रिटायरिंग रूम व डोरमेट्री दशकों पुराना है। पुराने बेड, गंदी चादर - तकिया, कॉकरोच, खटमल, चूहे और खानपान सेवा की कोई व्यवस्था नहीं है। विभिन्न शहरों में इसका किराया अलग-अलग है, लेकिन डबल बेड रूम के लिए 600 से 400 रुपये लिए जाते हैं। डॉरमेट्री का किराया भी 125 रुपये है। इस कारण यात्रियों को स्टेशन के बाहर सस्ते व अच्छे होटल के लिए भटकना पड़ता है।
सजाया जाएगा मनमुताबिक
रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री में मौजूद हर तरह का इंटीरियर और फर्नीचर आईआरसीटीसी अपने कब्जे में ले लेगा। खाली रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री में इंटीरियर डेकोरेशन कराएगा। आईआरसीटीसी को ऐसे सभी रिटायरिंग रूम को होटल की तरह प्रोफेशनल तरीके से चलाने की आजादी होगी। इन जगहों पर खाने पीने की व्यवस्था भी इन्हीं की जिम्मेदारी होगी।
गाइडलाइन भी की गई है जारी
रेलवे ने रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री को आईआरसीटीसी को जिम्मे किए जाने को लेकर गाइडलाइन भी जारी की है। आईआरसीटीसी को इसका रोडमैप तैयार करने के भी निर्देश मिले हैं। साल के अंत तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसी के साथ इन रूमों की भी ऑनलाइन बुकिंग होगी।
कोट
जल्द ही रिटायरिंग रूम आईआरटीसी को सौंपने की तैयारी है। इसके बाद आईआरसीटीसी इनको होटल की तर्ज पर विकसित करेगा। साल के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी