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जीएसटी: बंद का रहा मिला जुला असर-Dehat

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नहीं बना सबकी पसंद ‘जीएसटी बंद’
सब हेड: शहर और सीपरी बाजार पूरी तरह रहे बंद, अन्य बाजारों में दिखा आंशिक असर
क्रासर
दोपहर बाद खुली कई जगह दुकानें, व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के खिलाफ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बंद का असर महानगर में मिला जुला रहा। दो बजे तक शहर और सीपरी बाजार क्षेत्र के बाजार पूरी तरह बंद रहे, लेकिन शाम तक कई दुकानें भी खुल गईं। सदर बाजार और अन्य बाजारों में बंद का आंशिक असर ही देखा गया। बंद के दौरान व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बंद में थोक वस्त्र व्यापार मंडल, गल्ला व्यापार मंडल, जनरल मर्चेंट एसोसिएशन, रसबहार व्यापार मंडल, सीपरी बाजार व्यापार महासमिति, सुभाष मार्केट व्यापार मंडल, आजाद गंज व्यापार मंडल, सनातन व्यापार मंडल का साथ रहा। बंद सफल बनाने के लिए उक्त व्यापार मंडलों के पदाधिकारी सुबह ही बाजारों को बंद कराने के लिए सक्रिय रहे। सराफा बाजार, बड़ाबाजार, गांधी रोड, थोक कपड़ा व्यापार, मानिक चौक, टकसाल, मिनर्वा और सीपरी बाजार की दुकानें सुबह से ही बंद रही। जबकि सदर बाजार, प्रेमनगर और इलाइट चौराहा के आसपास बाजार के अधिकांश दुकानदारों ने बंद का साथ नहीं दिया। वे सुबह से ही अपनी दुकानें खोले रहे। मॉल और शोरूम भी खुले रहे। इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने खुले बाजारों में जाकर दुकानदारों से आग्रह किया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर ली, लेकिन व्यापारी नेताओं के जाते ही उन्होंने दुकानें दुबारा खोल ली। शाम तक शहर और सीपरी बाजार बाजार क्षेत्र की भी कई दुकानें खुल गईं। इससे बंद का असर मिलाजुला बना रहा।
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दोपहर बाद व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार के महानगर अध्यक्ष रामतीर्थ सिंघल के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर बलवीर सिंह सलूजा, महेश राय, उमेश गुप्ता, संजय सेठ, ओमप्रकाश मर, प्रमोद अग्रवाल, तरुण साहू, अभय जैन, अनूप बिंदल, सुनील अग्रवाल, सुरेश साहू, आदर्श शर्मा, अभय जैन, सुनील अग्रवाल, महेश चंद्र गुप्ता, अर्जुन गोयल, बृज बिहारी सोनी, अर्जुन गोयल, प्रेम साहू, संजय चड्डा, आशु मित्तल, मुकेश मारवाड़ी, नीरज मल्होत्रा, दिलबाग सिंह भुसारी, सुधीर सिंह शामिल थे।
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ये रहीं मांगे
- इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था में परिवर्तन करें।
- रिटर्न फाइल न हो तो व्यापारी को जिम्मेदार न मानें।
- इलेक्ट्रानिक ट्रांसपोर्ट बिल की सीमा 50 हजार से पांच लाख करें।
- अपंजीकृत व्यापारी से कच्चे माल पर रिवर्स चार्ज न लें।
- पेनल्टी की व्यवस्था एक साल के लिए स्थगित हो।
- सजा और जेल के प्रावधान को खत्म किया जाए।
- 30 जून तक बचे स्टॉक पर आईटीसी का लाभ मिले।
- मंडी शुल्क को समाप्त कर जीएसटी में ही समाहित हो।
- कपड़ा व्यापार पर जीएसटी न लगाया जाए।
- ऑनलाइन के साथ मैन्युअली भी रिटर्न की सुविधा हो।
-तीन माह में एक रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था हो।
- ब्रांडेड अनाज, दलहन को टैक्स से मुक्त रखा जाए।

27 हजार व्यापारियों ने कराया पंजीकरण
झांसी जोन में झांसी, ललितपुर, उरई, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट व बांदा जनपद हैं। इनमें पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 31,1081 है। इसमें झांसी, ललितपुर और जालौन जिले में लगभग 19 हजार व्यापारी पंजीकृत है। वाणिज्य कर विभाग ने जनपद के व्यापारियों को अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से खंडों (सेक्टर) में बांट रखा है। इनमें अभी तक 27 हजार ने जीएसटी में पंजीकरण कराया है।

पंजीयन लेने से लाभ
- सभी तरह के टैक्स खत्म हो जाएंगे। कारोबारी को सिर्फ जीएसटी व इनकम टैक्स को ब्यौरा देना होगा।
- पूरे देश में एक टैक्स होने से कारोबारी केंद्रीयकृत हो जाएंगे।
- पंजीयन लेकर कारोबारी चेकिंग, सर्वे आदि से बच सकते हैं।
- ऑनलाइन रिटर्न करने एवं अन्य सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।

ये जानना भी जरूरी
- जीएसटी में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे।
- जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत में होगी।
- 20 लाख से अधिक के वार्षिक टर्नओवर पर पंजीकरण आवश्यक है।
- 20 लाख से कम टर्नओवर पर प्रदेश सेबाहर माल सप्लाई पर पंजीकरण जरूरी।
- समाधान योजना का लाभ लेने वाले व्यापारी त्रैमासिक रिटर्न देंगे।
- वार्षिक रिटर्न दाखिल करने से पहले गलतियां दुरुस्त की जा सकेगी।
- रिटर्न देरी से दाखिल करने पर रोज सौ रुपये जुर्माना देना होगा।
- छोटे व्यापारी बैंक में ऑनलाइन दस हजार तक टैक्स जमा कर सकते हैं।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ व्यापारी स्वयं निर्धारित कर सकते हैं।
- कैपिटल गुड्स में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ एक ही किश्त में देय होगा।
- रिफंड काआवेदन पूरा होने पर 60 दिन में काम होगा, वरना ब्याज मिलेगा।
- अधिकारी द्वारा ऑनलाइन रिफंड आदेश सीधा बैंक खाते में जाएगा।
- हर साल पांच प्रतिशत व्यापारी ऑडिट के लिए चुने जाएंगे।
- ऑडिट व्यापार स्थल की जगह कार्यालय में भी हो सकता है।
- ऑडिट की सूचना 15 दिन पहले दी जाएगी।
- एक व्यापारी पर केवल एक ही अधिकारी का क्षेत्राधिकार होगा।
- प्रवर्तन के मामले में केंद्र और राज्य दोनों का क्षेत्राधिकार होगा।
- सचल दल बिना प्रपत्रों और फर्जी प्रपत्रों के माल को ही रोकेंगे।
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