प्रताप शराब के नशे अपनी पत्नी आरती को मारता पीटता था। जिसके कारण उसके घर पर अक्सर लड़ाई झगड़ा होता रहता था। प्रताप उसके यहां मजदूरी करता था। कभी-कभी प्रताप की पत्नी आरती उसके यहां आती जाती रहती थी। आरती अपने पति प्रताप से काफी परेशान रहती थी। प्रताप जो कुछ कमाता था वह शराब पीने में खर्च कर देता था। जिस कारण कभी-कभी आरती रोते हुए उससे पैसे मांगने आती थी और उसके घर पर काम भी करती थी । आरती से उसकी लगातार बात भी होती थी, उससे उसकी नजदीकियां बढ़ गई थी। प्रताप अपनी पत्नी आरती को शराब के नशे में मारता पीटता था। जिसका उसे बहुत बुरा लगता था। यह सब बाते आरती उसे बताती रहती थी। इस कारण से प्रताप के प्रति मन में गुस्सा रहता था।
11 जून 2023 की रात करीब 8 बजे प्रताप ने काफी शराब पी रखी थी। जिसके कारण वह काफी नशे में था। प्रताप अपनी पत्नी आरती से लड़ झगड़ रहा था। वह प्रताप के घर के सामने से निकल रहा था तो सुना कि प्रताप आरती को गाली दे रहा है। कुछ देर बाद प्रताप घर से निकल गया। उसने आगे देखा तो प्रताप एक व्यक्ति के साथ कलारी में बैठ कर शराब पी रहा था। कुछ देर बाद वह कलारी पहुंचा तो देखा प्रताप यहां नहीं था। लोगो से पूछा तो पता चला कि वह खेतों की ओर गया है। वह खेतों की ओर गया। प्रताप यहां कुंजी अहिरवार के खेत के पास खड़ा था, उसने पूछा कि क्यों वह अपनी पत्नी से लड़ाई झगड़ा करता है। इस पर प्रताप ने उससे कहा कि वह कौन होता है, उसकी पत्नी के बारे में पूछने वाला। प्रताप ने उसे धक्का दिया। दोनों के बीच गुत्थम गुत्था होने लगी।
प्रताप नशे में था, उसने गुस्से में प्रताप का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह डर गया था। भेद न खुले तो वह रात को ही गर पहुंचा। घर से नमक व बाथरूम साफ करने की तेजाब की बोतल लेकर आया। खेत के पास झाड़ियों में खुदी मिट्टी में प्रताप के शव के ऊपर तेजाब व नमक डालकर मिट्टी से ढक दिया और घर चला गया था । दूसरे दिन परिवारजन प्रताप को खोज रहे थे तो वह भी उनके साथ खोजने में जुट गया था। 21 जून 2023 को सुबह जब प्रताप का कंकाल मिलने की सूचना गांव वालो से मिली तो वह भी मौके पर पहुंचा था। चुपचाप लोगों के साथ देखता रहा बाद में जब प्रताप के पिता ने थाने में केहर, देवेन्द्र व उजबक के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया तो उसने सोचा कि वह अब तो बच गया। लेकिन पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।