‘उम्मीद की बारिश’ से बढ़ रहा विश्वास
झांसी।बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई बारिश ने उम्मीद का माहौल बनाया है। मौसम विज्ञानियों से लेकर आम-ओ-खास को अब लग रहा है कि इस बार मानसून क्षेत्र में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा करके ही विदा होगा। जिले में सामान्य बारिश का आंकड़ा 798 मिलीमीटर का है और अब तक 549 मिलीमीटर हो चुकी है। मानसूनी सीजन 15 सितंबर तक माना जाता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।
सामान्यत: मानसूनी सीजन पंद्रह जून से शुरू होकर पंद्रह सितंबर तक चलता है। इसके पहले या बाद में होने वाली बरसात को मानसूनी बारिश में रिकार्ड नहीं किया जाता है। इस साल मानसूनी सीजन की शुरुआत ढीली हुई थी। जून सूखा ही निकल गया था और इसके बाद जुलाई के पहले पखवाड़े में भी हल्की बारिश ही हुई थी। लेकिन, जुलाई के अंतिम दिनों में अच्छी बारिश हुई। जून और जुलाई माह में 331.49 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। इसके बाद अगस्त की शुरुआत में मानसून थम गया था, परंतु महीने के आखिरी दस दिनों में झमाझम मेघ बरसे। इससे अब बारिश का आंकड़ा 449.7 मिमी पर पहुंच गया है। यानी की मानसून ने अपना आधे से अधिक सफर तय कर लिया है। सामान्य आंकड़े को छूने के लिए अभी लगभग ढाई सौ मिमी बारिश की और जरूरत है। मौसम विभाग द्वारा सामान्य बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं, जिससे उम्मीद है कि मानसून सामान्य आंकड़े तक पहुंच जाएगा। अब तक हुई बारिश भी संतोषजनक है।
चार साल बाद अच्छीबारिश
साल 2013 के बाद इस साल अच्छी बारिश हुई है। 2013 में जिले में 1028 मिमी बारिश हुई थी। लेकिन, इसके बाद लगातार चार सालों तक सामान्य बरसात नहीं हुई। 2014 में 402 मिमी, 2015 महज 384, 2016 में 540 और पिछले साल 2017 में सिर्फ 381 मिमी ही बारिश हुई थी। इस बार अब तक बारिश का आंकड़ा पिछले सालों के मुकाबले आगे बढ़ गया है।
रबी के लिए वरदान
कृषि मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि इस बार की बारिश आगामी रबी सीजन के लिए वरदान है। इस साल झमाझम के साथ-साथ बूंदाबांदी भी खूब हुई है, जिसकी नमी मिट्टी में लंबे समय तक बनी रहेगी। ये फसल के लिए बेहद लाभदायक रहेगी। इसके अलावा खरीफ की फसल भी अच्छी होगी। लेकिन, किसानों को खेतों से पानी निकलाने की व्यवस्था करनी चाहिए। खासतौर पर तिल, मूंग और उड़द के खेतों में पानी नहीं भरने दें।
रात से दोपहर तक जारी रही झड़ी
बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की दोपहर तक बारिश की झड़ी जारी रही। इस दौरान कभी तेज बारिश हुई, तो कभी बूंदाबांदी। बादल छाए रहे। इससे मौसम खुशगवार बना रहा। इस दरम्यान लगभग 30 मिमी बारिश हुई।