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कपड़ा कारोबार ठप, धरना दिया-Dehat

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कपड़े का थोक कारोबार ठप, धरना-प्रदर्शन
आज भी बंद रखेंगे बाजार, एक करोड़ का टर्नओवर प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जीएसटी के खिलाफ कपड़े के थोक कारोबारियों ने बृहस्पतिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और धरना-प्रदर्शन किया। ऐलान किया कि कारोबार शुक्रवार को भी ठप रखेंगे।
झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और मालिनों का चौराहा पर धरना- प्रदर्शन किया। बंद के कारण एक करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। शुक्रवार को भी थोक कपड़ा कारोबार ठप रहेगा।
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बृहस्पतिवार को जीएसटी के विरोध में महानगर के करीब 125 थोक कपड़ा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस दौरान थोक कपड़ों की मालिनों के चौराहे के पास गली में, मानिक चौक और आसपास के बाजार में खुली सभी दुकानें बंद रही। बंद के दौरान संबंधित व्यापारियों ने मालिनों के चौराहे पर धरना दिया। अध्यक्ष ओमप्रकाश मर ने कहा कि कपडे़ पर किसी भी हालत में जीएसटी स्वीकार नहीं है। महामंत्री संजय सेठ ने कहा कि सरकार ने अगर हमारी मांग नहीं मानी तो हमारा व्यापार अनिश्चितकाल के लिए भी बंद हो सकता है। राजेंद्र पटवारी ने कहा कि यार्न (धागा) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की जगह जीएसटी लगाया दिया जाए। अशोक सिंघल ने कहा कि उधारी पर चलने वाले कपड़े के व्यापार पर टैक्स लगने से व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। वीरेंद्र जैन ने कहा कि देश से अगर जीएसटी नहीं हटता है तो इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। ओमप्रकाश सेठ ने जीएसटी को आर्थिक इमरजेंसी बताया। इसी तरह मनोज बड़ेरिया ने इसे काला कानून बताया। सुनील गुप्ता ने कहा कि आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया और बगैर किसी पूर्व सूचना के यह थोपा जा रहा है। उदय अग्रवाल ने पूरे देश में कपड़ा व्यापारी सड़क पर उतर आया है। धरने में प्रदीप अग्रवाल, अमरनाथ दुबे, महेंद्र अग्रवाल, ओमप्रकाश ख्यानी, मदन लोइया, रामप्रकाश नाछोला, परमानंद अग्रवाल, लवलेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सौरभ जैन, गौरव अग्रवाल, विजय सेठ, विनोद सेठ ने भी विचार व्यक्त किए। धरने का संचालन महामंत्री संजय सेठ ने किया।
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